ज्ञान एवं मानव विकास प्राधिकरण (KHDA) की महानिदेशक आयशा मीरान ने गुरुवार को कहा कि प्राधिकरण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नज़र रख रहा है, क्योंकि कुछ शिक्षा प्रणालियाँ उपकरणों पर अपनी निर्भरता पर पुनर्विचार कर रही हैं और कागज़-कलम जैसी पारंपरिक पद्धतियों की ओर लौट रही हैं।

KHDA मीडिया मजलिस के दौरान मीरान ने कहा, “हम जिन प्रमुख परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, उनमें से एक दुबई की हमारी शिक्षा प्रणाली के लिए एक सक्षम नीति तैयार करना है।”

उन्होंने बताया कि प्राधिकरण को शिक्षा में तकनीक के उपयोग को लेकर प्रतिक्रियाएँ मिल रही हैं और वह अध्ययन कर रहा है कि विभिन्न देश इस मुद्दे से कैसे निपट रहे हैं।

उन्होंने कहा, “हमें बहुत सारी प्रतिक्रियाएँ और सवाल मिल रहे हैं, और हम ऐसे कई देशों पर नज़र रख रहे हैं जो अब आईपैड और तकनीक को छोड़कर पुराने ज़माने के कागज़ और कलम की ओर लौट रहे हैं।”

मीरान के अनुसार, दुबई का शिक्षा प्राधिकरण एक नीतिगत ढाँचे पर काम कर रहा है, जो स्कूलों को यह तय करने में मदद करेगा कि तकनीक और एआई कब सीखने की प्रक्रिया को मज़बूत कर सकते हैं, साथ ही उन्हें लचीलापन और ज़िम्मेदारी भी देगा।

मीरान ने कहा कि तकनीक के प्रति एक समान दृष्टिकोण अपनाने के बजाय KHDA स्कूलों के लिए स्पष्ट सिद्धांत तय करना चाहता है, ताकि वे अपनी परिस्थितियों के अनुसार निर्णय ले सकें।

(स्रोत: खलीज टाइम्स)