DXB --:--
दुबई आज: दिरहम विनिमय दर और मौसम — 16.09.2026 दुबई आज: दिरहम विनिमय दर और मौसम — 15.09.2026 दुबई आज: दिरहम विनिमय दर और मौसम — 14.09.2026 इंडोनेशियाई जहाज़ से संपर्क टूटा: 103 लोगों को बचाया गया, 140 लापता एंथ्रोपिक के सीईओ ने मनुष्यों के लिए खतरों को देखते हुए एआई विकास की गति धीमी करने का आह्वान किया यूएई राष्ट्रपति ने यूएई फतवा परिषद के महासचिव की नियुक्ति संबंधी संघीय डिक्री जारी की दुबई प्रेस क्लब ने अरब मीडिया फोरम 2026 का एजेंडा जारी किया दुबई फिल्म्स एंड गेम्स कमीशन अरब मीडिया समिट 2026 में गेम्स फोरम का आयोजन करेगा दुबई अदालत: विदेश में खारिज होने के बावजूद उत्पीड़न के आधार पर तलाक का नया मामला दायर किया जा सकता है न पासपोर्ट, न कतारें, न बैगेज टैग: दुबई एयरपोर्ट्स के सीईओ ने नए हवाई अड्डे का विज़न साझा किया
category

अमीरात समाचार

बहरीन शूरा परिषद के अध्यक्ष ने यूएई के साथ पूर्ण एकजुटता दोहराई, ईरानी हमले की निंदा की
01.09.2026

बहरीन शूरा परिषद के अध्यक्ष ने यूएई के साथ पूर्ण एकजुटता दोहराई, ईरानी हमले की निंदा की

अबू धाबी, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- संघीय राष्ट्रीय परिषद (एफएनसी) के अध्यक्ष सक्र घोबाश को बहरीन साम्राज्य की शूरा परिषद के अध्यक्ष अली बिन सालेह अल सालेह की ओर से एकजुटता का संदेश मिला, जिसमें उन्होंने ड्रोन के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात को निशाना बनाने वाले ईरान के नए हमलों की कड़ी निंदा और भर्त्सना व्यक्त की। अल सालेह ने कहा कि ये हमले संयुक्त अरब अमीरात की संप्रभुता का खुला उल्लंघन तथा क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए खतरा पैदा करने वाली गंभीर तनाव-वृद्धि हैं, साथ ही ये अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। बहरीन की शूरा परिषद के अध्यक्ष ने यूएई के प्रति बहरीन की पूर्ण एकजुटता और समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि उनका देश अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तथा नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए यूएई द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूएई की सुरक्षा और स्थिरता बहरीन साम्राज्य तथा खाड़ी सहयोग परिषद के देशों की सुरक्षा और स्थिरता का अभिन्न हिस्सा है। अल सालेह ने यूएई के सशस्त्र बलों और वायु रक्षा प्रणालियों की दक्षता एवं सतर्कता तथा ड्रोन को रोकने में उनके प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए और ईरान को अंतरराष्ट्रीय कानून तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करने और क्षेत्र की सुरक्षा एवं स्थिरता के लिए खतरा बनने वाले अपने हमलों तथा आक्रामक कार्रवाइयों को पूरी तरह रोकने के लिए बाध्य करने हेतु आवश्यक उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कदम तनाव कम करने और क्षेत्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता बनाए रखने में योगदान देंगे।

समाचार पढ़ें
यूएई ने 23 देशों की भागीदारी के साथ संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना प्रमुख कार्यशाला की मेज़बानी की
01.09.2026

यूएई ने 23 देशों की भागीदारी के साथ संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना प्रमुख कार्यशाला की मेज़बानी की

अबू धाबी, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना प्रमुखों की कार्यशाला अबू धाबी में शुरू हुई, जिसकी मेज़बानी संयुक्त अरब अमीरात का गृह मंत्रालय 31 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक कर रहा है और जिसमें 23 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कार्यशाला में दुनिया भर के संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के पुलिस प्रमुख और सैन्य घटक, साथ ही संयुक्त राष्ट्र तथा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि एक मंच पर आए हैं। संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राष्ट्र के बीच जारी सहयोग के तहत आयोजित यह कार्यशाला, शांति स्थापना अभियानों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने तथा सुरक्षा और मानवीय चुनौतियों से निपटने की उनकी क्षमता को मज़बूत करने वाली अंतरराष्ट्रीय पहलों के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। चर्चाओं में संयुक्त राष्ट्र पुलिस के समक्ष चुनौतियाँ, संयुक्त राष्ट्र पुलिस प्रमुख शिखर सम्मेलन के परिणाम, शांति स्थापना प्रदर्शन, ज्ञान प्रबंधन एवं मार्गदर्शन, स्थायी पुलिस क्षमताएँ, परिचालन संबंधी चुनौतियाँ तथा संवेदनशील और लैंगिक दृष्टि से समावेशी पुलिस व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं। कार्यशाला विभिन्न संयुक्त राष्ट्र मिशनों के पुलिस घटक प्रमुखों को अनुभव साझा करने का अवसर भी देती है और इसमें पुलिस इकाइयों तथा व्यक्तिगत अधिकारियों के प्रदर्शन मूल्यांकन मानकों, आपात योजना, रिपोर्टिंग, बजट निर्माण और गोला-बारूद प्रबंधन पर विचार किया जा रहा है। आगे की चर्चाएँ शांति स्थापना अभियानों के पुलिस और सैन्य घटकों के बीच समन्वय मज़बूत करने पर केंद्रित हैं। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में संयुक्त अरब अमीरात के स्थायी मिशन के पुलिस अताशे कर्नल सईद अल धाहेरी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यशाला अमीरात और संयुक्त राष्ट्र के बीच सहयोग को मज़बूत करने तथा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को सहारा देने में अहम भूमिका निभाती है। अल धाहेरी ने कहा कि इस कार्यशाला की मेज़बानी संयुक्त राष्ट्र के शांति प्रयासों के प्रति अमीरात की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है और यह विशेषज्ञता तथा सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, प्रदर्शन मूल्यांकन ढाँचों के विकास और शांति अभियानों की दक्षता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रमुखों के साथ सैन्य नेतृत्व की भागीदारी दोनों घटकों के बीच निकट समन्वय की दिशा में अहम कदम है और यह इस साझा विश्वास को दर्शाती है कि टिकाऊ शांति के लिए शांति अभियानों से जुड़े सभी पक्षों का वास्तविक सहयोग आवश्यक है। संयुक्त राष्ट्र के पुलिस सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल फैसल ने कहा कि अमीरात द्वारा इस कार्यशाला की मेज़बानी संयुक्त राष्ट्र प्रणाली को समर्थन देने और शांति अभियानों में अपना योगदान बढ़ाने की उसकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में पुलिसिंग और सुरक्षा तरीकों के निरंतर विकास तथा प्रौद्योगिकी और आँकड़ों पर आधारित अधिक लचीले और नवाचारी मॉडलों की ओर बढ़ने की आवश्यकता है, जो दक्षता, तैयारी और त्वरित प्रतिक्रिया पर टिके हों। उन्होंने कहा कि जटिल परिस्थितियों में काम करने में सक्षम प्रशिक्षित पुलिस क्षमताओं का निर्माण और पुलिस तथा सेना के बीच निकट समन्वय, शांति अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाने तथा ज़मीनी स्तर पर स्थायी प्रभाव हासिल करने के लिए बुनियादी है। लेफ्टिनेंट जनरल फैसल ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन प्रभावी नेतृत्व, विभिन्न घटकों के बीच समन्वय और तेज़ी से बदलते संघर्ष परिवेश के अनुरूप ढलने की क्षमता पर निर्भर करता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि प्राथमिकताओं में तालमेल और पुलिस-सैन्य समन्वय को मज़बूत करना संयुक्त राष्ट्र मिशनों के लिए अपने अधिदेश पूरे करने, नागरिकों की रक्षा करने तथा मेज़बान देशों में स्थिरता और विधि के शासन को सहारा देने के लिहाज़ से निर्णायक है। संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक सैन्य सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल शेरिल पीयर्स ने कहा कि शांति स्थापना अभियान लगातार जटिल होते भू-राजनीतिक और परिचालन माहौल में चल रहे हैं, जिसमें संघर्ष अधिक उलझे हुए हैं, सीमापार खतरे बढ़ रहे हैं, ड्रोन का प्रसार हो रहा है और सूचना एवं प्रौद्योगिकी संबंधी चुनौतियाँ बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि शांति स्थापना का भविष्य यह माँग करता है कि मिशन अधिक अनुकूलनशील, गतिशील और प्रतिक्रियाशील बनें तथा स्थिति की समझ बेहतर करने, निर्णय प्रक्रिया को सहारा देने और परिचालन प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करें, जबकि शांति अभियानों का मूलतः राजनीतिक स्वरूप बरकरार रहे। पीयर्स ने कहा कि शांति मिशनों के विकास के लिए उनके सबसे महत्वपूर्ण कार्यों की पहचान, उन्हें पूरा करने के लिए ज़रूरी क्षमताओं की उपलब्धता और विभिन्न संस्थाओं एवं टीमों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने ज़ोर दिया कि शांति सैनिकों की सुरक्षा मिशनों की योजना और क्रियान्वयन में सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए, जिसे उपयुक्त प्रशिक्षण और क्षमताओं, बेहतर स्थितिजन्य जागरूकता, आवश्यकता पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता तथा पूर्व घटनाओं से सीखे गए सबक के ज़रिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

समाचार पढ़ें
अमीरात रेड क्रीसेंट ने मानवीय कार्यों के लिए 2026-2029 रणनीति शुरू की
01.09.2026

अमीरात रेड क्रीसेंट ने मानवीय कार्यों के लिए 2026-2029 रणनीति शुरू की

अबू धाबी, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- अमीरात रेड क्रीसेंट (ईआरसी) ने अपनी नई 2026-2029 रणनीति की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य संस्थागत कार्यप्रणाली को और विकसित करना, मानवीय क्षेत्र में तेज़ बदलावों और बढ़ती चुनौतियों के अनुरूप चलना, तैयारी, दूरदर्शिता और प्रतिक्रिया की गति को बढ़ाना तथा एक अग्रणी राहत संस्था और मानवीय व सामुदायिक कार्यों के वैश्विक आदर्श के रूप में अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है। यह रणनीति मानवता, स्थिरता, नवाचार और पारदर्शिता इन चार मूल मूल्यों पर आधारित है और इसका लक्ष्य कार्यकुशलता बढ़ाना, मानवीय एवं सामुदायिक प्रभाव का विस्तार करना तथा कार्यक्रमों और पहलों की स्थिरता को मज़बूत करना है। नई रणनीति चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। पहला स्तंभ वित्तीय स्थिरता है, जो विपणन गतिविधियों की दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के निवेश को अनुकूलित करने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। दूसरा स्तंभ सामुदायिक और स्वयंसेवी प्रभाव की स्थिरता है, जिसका उद्देश्य मानवीय आवश्यकताओं को कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से पूरा करना, सक्रिय सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना और स्वयंसेवकों की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। तीसरा स्तंभ राहत कार्यों और सहायता की दक्षता से जुड़ा है, जिसमें मानवीय एवं राहत अपीलों पर प्रभावी प्रतिक्रिया, परियोजनाओं का कुशल प्रबंधन तथा एकीकृत एवं उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं का प्रावधान शामिल है। चौथा स्तंभ प्रभावी संस्थागत सेवाएँ उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, ताकि कार्य-संचालन को दिए जाने वाले समर्थन की निरंतरता सुनिश्चित हो और सहायक सेवाओं की दक्षता बढ़े। ईआरसी के महासचिव अहमद सारी अल मज़रूई ने रणनीति के शुभारंभ समारोह में कहा कि चार वर्ष की यह नई योजना संगठन की मानवीय और संस्थागत यात्रा में एक नए चरण का प्रतीक है और आगामी अवधि के लिए उसकी दिशा इस प्रकार तय करती है कि वह अपने दृष्टिकोण, लक्ष्य और उद्देश्यों को कुशलता एवं प्रभावशीलता के साथ प्राप्त कर सके तथा अपने मानवीय और सामुदायिक प्रभाव का विस्तार कर सके। उन्होंने कहा कि नई रणनीति के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ऐसे प्रमुख साधनों की आवश्यकता है जो घटनाक्रम के साथ तालमेल बनाए रखें और ईआरसी के कार्य की प्रकृति के अनुरूप तंत्र को सक्रिय करें, क्योंकि इस कार्य में आपात स्थितियों और संकटों में त्वरित एवं पूर्वसक्रिय हस्तक्षेप, विभिन्न क्षेत्रों, देशों तथा क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों की अपीलों पर तत्काल प्रतिक्रिया और सहायता की आवश्यकता वाले लोगों के साथ निरंतर संवाद अपेक्षित है। अल मज़रूई ने कहा कि इन साधनों में नीतियाँ एवं अभिशासन, कुशल डिजिटल और तकनीकी समाधान, साझेदारियाँ एवं समझौते तथा मानव संसाधन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह रणनीति संयुक्त अरब अमीरात के दृष्टिकोण तथा देश की दान और मानवीय कार्य की लंबे समय से चली आ रही परंपरा से अपनी दिशा प्राप्त करती है। उन्होंने कहा कि ईआरसी एक अग्रणी मानवीय दानदाता के रूप में अपनी स्थिति को मज़बूत करना चाहता है और मानवीय एवं विकास कार्यों में वैश्विक आदर्श के रूप में संयुक्त अरब अमीरात की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करने में योगदान देना चाहता है। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में कार्यक्रमों और पहलों में नवाचार, दक्षता, स्थिरता और प्रभाव मापन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जबकि क्रियान्वयन ईआरसी के संचित अनुभव, उसकी साझेदारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के साथ-साथ परोपकारियों और दानदाताओं के विश्वास पर आधारित होगा। अल मज़रूई ने कहा कि रणनीति का अंतिम उद्देश्य मानवीय सेवाओं और कार्यक्रमों की गुणवत्ता में गुणात्मक बदलाव लाना तथा अधिक प्रभावी और टिकाऊ मानवीय प्रभाव प्रदान करना है। उन्होंने कहा, “हमारी 2026-2029 रणनीति केवल एक कार्ययोजना नहीं, बल्कि एक रोडमैप है, जिसका उद्देश्य अमीरात रेड क्रीसेंट की पहलों को मज़बूत करना, उसकी तत्परता बढ़ाना और अगले चरण में उसके मानवीय मिशन की निरंतरता सुनिश्चित करना है।” अल मज़रूई ने कहा कि ईआरसी अपनी मानवीय विरासत से संकल्प प्राप्त करता है, ताकि वह अपनी मानवीय और विकास यात्रा जारी रख सके और मानवीय कार्यों में वैश्विक आदर्श के रूप में संयुक्त अरब अमीरात की स्थिति को और मज़बूत कर सके। उन्होंने कहा कि संगठन अपने उपलब्ध लाभों का अधिकतम उपयोग करेगा और अपनी क्षमताओं के आधार पर और अधिक उत्कृष्टता हासिल करेगा, कार्यक्रमों एवं पहलों में गुणात्मक परिवर्तन लाएगा तथा देश के नेतृत्व के सहयोग और परोपकारियों एवं दानदाताओं के सशक्त समर्थन से अपनी यात्रा के दौरान अर्जित उपलब्धियों को सुरक्षित रखेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह रणनीति दान और सेवा के एक नए दौर की शुरुआत करेगी तथा देश के भीतर और बाहर क्रियान्वित किए जाने वाले कार्यक्रमों एवं पहलों के विकास में नवाचार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से ईआरसी के कार्यक्षेत्र में अधिक प्रभावी और टिकाऊ समाधानों तक पहुँचने का माध्यम बनेगी।

समाचार पढ़ें
दुबई के स्कूलों में 2010 से यातायात दुर्घटना में कोई मृत्यु नहीं
01.09.2026

दुबई के स्कूलों में 2010 से यातायात दुर्घटना में कोई मृत्यु नहीं

दुबई, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- दुबई की सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण (RTA) ने शैक्षणिक सत्र 2026–2027 की शुरुआत के साथ छात्रों, अभिभावकों और वाहन चालकों के लिए जागरूकता कार्यक्रमों और गतिविधियों की एक श्रृंखला शुरू की है। प्राधिकरण के अनुसार, सरकारी और निजी साझेदारों के सहयोग से लागू किए गए जागरूकता तथा इंजीनियरिंग उपायों के कारण दुबई के स्कूलों में 2010 से अब तक यातायात दुर्घटना में कोई मृत्यु नहीं हुई है।

समाचार पढ़ें
दुबई पुलिस के हिमाया स्कूलों में पाँच परिसरों के साथ नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत
01.09.2026

दुबई पुलिस के हिमाया स्कूलों में पाँच परिसरों के साथ नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत

दुबई, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- दुबई पुलिस ने शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 की शुरुआत पर पाँच हिमाया शिक्षा स्कूलों में विद्यार्थियों का स्वागत किया और उस शैक्षिक यात्रा को जारी रखा जिसमें शैक्षणिक विकास के साथ चरित्र निर्माण, राष्ट्रीय मूल्य, अनुशासन और भविष्य की तैयारी शामिल है। विद्यार्थियों का स्वागत संवादात्मक, शैक्षिक और जागरूकता गतिविधियों के साथ किया गया, जिनका उद्देश्य नए सत्र की सकारात्मक शुरुआत करना, जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना को मजबूत करना तथा विद्यार्थियों को उत्साह के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। इन गतिविधियों में अकादमी एवं प्रशिक्षण मामलों के सहायक कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल बद्रान अल शम्सी, हिमाया स्कूल कार्यालय के निदेशक कर्नल अब्दुल्ला अल सुवैदी, कार्यालय के उप निदेशक मेजर मोहम्मद बिन शाफ़िया और कई अधिकारी उपस्थित रहे। अल शम्सी ने कहा कि हिमाया स्कूल एक ऐसा शैक्षिक मॉडल प्रस्तुत करते हैं जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को राष्ट्रीय मूल्यों तथा अनुशासन और उत्तरदायित्व के सिद्धांतों से जोड़ता है और ऐसी जानकार व सक्षम पीढ़ियाँ तैयार करने में सहायक है जो यूएई के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें। उन्होंने नए शैक्षणिक वर्ष को महत्वाकांक्षा, परिश्रम और उपलब्धि का नया अवसर बताते हुए विद्यार्थियों से उपलब्ध शैक्षिक अवसरों का पूरा लाभ उठाने और उत्कृष्टता को अपनी पूरी शैक्षणिक यात्रा का स्थायी लक्ष्य बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का विकास केवल शैक्षणिक उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए मूल्यों और कौशलों की एक समग्र प्रणाली आवश्यक है, जिसमें राष्ट्र के प्रति लगाव और निष्ठा, अनुशासन, सम्मान और जिम्मेदारी के साथ-साथ आत्मविश्वास के साथ भविष्य का सामना करने के लिए आवश्यक व्यक्तिगत और सामाजिक क्षमताएँ शामिल हैं। अल शम्सी ने कहा कि दुबई पुलिस हिमाया स्कूलों को बहुत महत्व देती है, क्योंकि उसका मानना है कि शिक्षा में निवेश मनुष्य और राष्ट्र के भविष्य में निवेश है। उन्होंने रचनात्मकता, नवाचार और जिम्मेदारी में सक्षम पीढ़ियाँ तैयार करने के लिए स्कूलों, परिवारों और शैक्षिक प्रक्रिया का समर्थन करने वाली संस्थाओं के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सकारात्मक और प्रेरक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने में हिमाया स्कूलों के प्रशासनिक, शिक्षण और तकनीकी दलों के प्रयासों तथा अपने बच्चों के शैक्षिक विकास में आवश्यक भागीदार के रूप में अभिभावकों की भूमिका की भी सराहना की। अल सुवैदी ने बताया कि हिमाया स्कूलों की स्थापना 2018 में दुबई पुलिस की पहल के रूप में हुई थी, ताकि उसके सैन्य और असैन्य कर्मियों के बच्चों को शिक्षा के अवसर मिल सकें, उनके परिवारों को सहयोग मिले और संबंधित बोझ कम हो। यह पहल एक संस्थागत दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दुबई पुलिस के कर्मियों और उनके परिवारों की प्रसन्नता, नौकरी की स्थिरता और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना है। स्थापना के बाद से स्कूलों का विस्तार विभिन्न शैक्षिक चरणों तक हुआ है और वे ऐसा वातावरण उपलब्ध कराते हैं जिसमें शैक्षणिक पाठ्यक्रम को सुरक्षा शिक्षा, जागरूकता और अनुशासन के साथ जोड़ा जाता है तथा राष्ट्रीय मूल्यों और सकारात्मक आचरण को विकसित किया जाता है। हिमाया स्कूलों ने योग्य शिक्षण एवं प्रशासनिक पेशेवरों की नियुक्ति और अग्रणी प्रथाओं के अनुरूप अपनी शैक्षिक प्रणाली के निरंतर विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया है। विद्यार्थी सामुदायिक पहलों, आयोजनों और स्वयंसेवा के अवसरों में भाग लेते हैं, जिनका उद्देश्य उनके व्यक्तित्व का विकास, कौशल को मजबूत करना तथा पहल और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देना है। अल सुवैदी ने कहा कि लक्ष्य कक्षा में ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे सर्वांगीण विद्यार्थी तैयार करना है जो शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, सुरक्षा जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ लेकर चलें और भविष्य के बदलावों व चुनौतियों का सामना कर सकें। उन्होंने कहा, “हम अपने विद्यार्थियों का नए शैक्षणिक वर्ष में आशा और विश्वास के साथ स्वागत करते हैं और उत्कृष्टता व सफलता से भरे वर्ष की कामना करते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमें उम्मीद है कि हिमाया स्कूलों के विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुशासन, सकारात्मक आचरण और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से आदर्श प्रस्तुत करते रहेंगे।” अल सुवैदी ने कहा कि हिमाया स्कूलों की सफलता दुबई पुलिस, प्रशासनिक व शिक्षण कर्मचारियों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में विद्यार्थियों की क्षमताओं को मजबूत करने और उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने के उद्देश्य से शैक्षिक वातावरण, कार्यक्रमों और पहलों का विकास जारी रहेगा। पाँचों स्कूलों में आयोजित स्वागत गतिविधियों में संवादात्मक, शैक्षिक और जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे, जिन्हें विद्यार्थियों को कक्षा में लौटने के लिए मानसिक और शैक्षणिक रूप से तैयार करने तथा सकारात्मकता, सहयोग और अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया था। दुबई पुलिस और हिमाया स्कूलों ने विद्यार्थियों, शिक्षण एवं प्रशासनिक कर्मचारियों और अभिभावकों को सफलता, उत्कृष्टता और उपलब्धियों से भरे शैक्षणिक वर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए गतिविधियों का समापन किया।

समाचार पढ़ें
अमीराती वृत्तचित्र LUMINOUS – Noor दिव्यांगजनों की सफलता की कहानियां सामने लाया
01.09.2026

अमीराती वृत्तचित्र LUMINOUS – Noor दिव्यांगजनों की सफलता की कहानियां सामने लाया

अबू धाबी, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- FilmGate द्वारा निर्मित और ज़ायद अथॉरिटी फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन के सहयोग से तैयार अमीराती वृत्तचित्र LUMINOUS – Noor का लोकार्पण अबू धाबी में अधिकारियों, फिल्म एवं धारावाहिक उद्योग की हस्तियों तथा अमीराती और अरब मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ। यह वृत्तचित्र दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी भागीदारी को मजबूत करने वाला सहायक वातावरण बनाने के यूएई के अनुभव को सामने रखता है, और यह मानवीय संदेश देता है कि भिन्नता शक्ति तथा रचनात्मकता का स्रोत बन सकती है और उपयुक्त अवसर महत्वाकांक्षा को उपलब्धि में बदल सकते हैं। अथॉरिटी का सहयोग प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों को रचनात्मक क्षेत्रों में भागीदारी का अवसर देने और उन्हें ऐसे मंच उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दर्शाता है, जहां वे अपने कौशल को व्यक्त कर सकें और अपनी प्रतिभा समाज के साथ साझा कर सकें। ज़ायद अथॉरिटी फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन कला को सशक्तीकरण और समावेशन के माध्यम के रूप में उपयोग करने, प्रेरक सफलता की कहानियों को सामने लाने तथा कौशल विकसित करने वाले पुनर्वास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराने पर भी काम करती है, जिससे मानव संसाधन में निवेश राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में मजबूत होता है। पूरी तरह अबू धाबी में फिल्माया और निर्मित यह वृत्तचित्र तीन अमीराती दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत और पेशेवर यात्रा को दर्शाता है तथा बताता है कि उन्होंने किन चुनौतियों का सामना किया और अपने जुनून को सफलता के मार्ग में कैसे बदला। LUMINOUS – Noor दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और चुनौतियों पर विजय पर केंद्रित है और रचनात्मक व कलात्मक क्षेत्रों में अवसरों के विस्तार के महत्व को रेखांकित करता है। फिल्म में शारीरिक दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहीं नौरा अल ब्लूशी की कहानी है, जो Abu Dhabi Media में वरिष्ठ सोशल मीडिया संपादक हैं; इसमें उनकी पेशेवर यात्रा और परंपरागत धारणाओं से आगे बढ़कर आत्मविश्वास के साथ करियर गढ़ने के प्रयास दिखाए गए हैं। इसमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जुड़े पियानोवादक अहमद अल हाशमी की कहानी भी है, जिसमें संगीत से उनके रिश्ते और उनके जुनून के शक्ति व प्रेरणा का स्रोत बनने की यात्रा को दिखाया गया है। वृत्तचित्र दृष्टिबाधित मीडियाकर्मी और फिल्मकार अल दाना अल हाशमी की कहानी भी प्रस्तुत करता है और दिखाता है कि उन्होंने कैमरे को अपनी दृष्टि व्यक्त करने और सार्थक प्रभाव पैदा करने के माध्यम के रूप में कैसे इस्तेमाल किया। अमीराती फिल्मकार मंसूर अल याबहूनी अल धाहेरी ने इस वृत्तचित्र का निर्माण और छायांकन किया, जो रचनात्मक तथा फिल्म उद्योग में प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर बनाने की FilmGate की सोच को दर्शाता है। अमीरात समाचार एजेंसी (WAM) से बातचीत में अल धाहेरी ने कहा कि यह फिल्म केवल व्यक्तिगत कहानियां प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऐसे व्यावहारिक अनुभवों के जरिए दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है, जिनसे वे अपनी क्षमताएं व्यक्त कर सकें और कौशल को और निखार सकें। उन्होंने कहा कि यह निर्माण इस विश्वास से प्रेरित था कि हर व्यक्ति के पास कहने योग्य कहानी होती है और दिव्यांगजनों की महत्वाकांक्षाएं भी सामने आनी चाहिए। अल धाहेरी ने कहा कि उद्देश्य केवल चुनौतियों पर ध्यान देने के बजाय पात्रों को उनकी क्षमताओं और जुनून के माध्यम से प्रस्तुत करना था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर खोलेगी तथा संस्थानों और फिल्मकारों को उनकी क्षमता में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी। WAM से बातचीत में फिल्म के पात्रों ने उनके सशक्तीकरण और विकास के अवसर उपलब्ध कराने में सरकारी तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं के सहयोग की सराहना की। उन्होंने समाज से मिलने वाले प्रोत्साहन की भी प्रशंसा की और कहा कि यह सहयोग उन्हें अपनी महत्वाकांक्षाओं की ओर बढ़ते रहने और अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त करने के लिए प्रेरित करता है।

समाचार पढ़ें
ADCMC ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों के समर्थन हेतु वैकल्पिक सेवा कार्यक्रम को सुदृढ़ किया
01.09.2026

ADCMC ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों के समर्थन हेतु वैकल्पिक सेवा कार्यक्रम को सुदृढ़ किया

अबू धाबी आपात, संकट एवं आपदा प्रबंधन केंद्र (ADCMC) ने अपने रणनीतिक साझेदारों के सहयोग से वैकल्पिक सेवा कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू किया है, जिससे अमीरात की तैयारी और प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत हुई है। हाल के बैचों में नामांकन 43 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है और प्रतिभागियों को अमीरात भर की बढ़ती संख्या में सरकारी संस्थाओं तथा कंपनियों में तैनात किया गया है। केंद्र "Murona" मंच के शुभारंभ से पहले प्रक्रियाओं का स्वचालन भी कर रहा है।

समाचार पढ़ें
एमिरेट्स एनवायरनमेंटल ग्रुप ने एमिरेट्स हॉस्पिटैलिटी सस्टेनेबिलिटी अलायंस शुरू किया
01.09.2026

एमिरेट्स एनवायरनमेंटल ग्रुप ने एमिरेट्स हॉस्पिटैलिटी सस्टेनेबिलिटी अलायंस शुरू किया

एमिरेट्स एनवायरनमेंटल ग्रुप (EEG) ने यूएई के आतिथ्य क्षेत्र में पर्यावरणीय स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए औपचारिक रूप से एमिरेट्स हॉस्पिटैलिटी सस्टेनेबिलिटी अलायंस (EHSA) की शुरुआत की। कोरल बीच रिज़ॉर्ट शारजाह में शुरू हुआ यह गठबंधन उद्योग जगत के नेताओं, स्थिरता विशेषज्ञों और साझेदारों को एक मंच पर लाता है।

समाचार पढ़ें
खलीफा विश्वविद्यालय और अब्दुल्ला अल घुरैर फाउंडेशन ने 'अलअजदर' रोजगार क्षमता कार्यक्रम शुरू किया
01.09.2026

खलीफा विश्वविद्यालय और अब्दुल्ला अल घुरैर फाउंडेशन ने 'अलअजदर' रोजगार क्षमता कार्यक्रम शुरू किया

खलीफा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और अब्दुल्ला अल घुरैर फाउंडेशन ने स्नातकों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए अलअजदर रोजगार क्षमता कार्यक्रम शुरू किया है। सितंबर से शुरू हो रहा यह कार्यक्रम चार एकीकृत मार्गों पर आधारित है। सफलतापूर्वक पूरा करने वाले प्रतिभागियों को अलअजदर रोजगार क्षमता प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

समाचार पढ़ें
गृह मंत्रालय ने स्कूल मार्ग सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया
01.09.2026

गृह मंत्रालय ने स्कूल मार्ग सड़क सुरक्षा अभियान शुरू किया

संयुक्त अरब अमीरात के गृह मंत्रालय ने संघीय यातायात परिषद के माध्यम से 2026 का चौथा तिमाही अभियान “हमारे छात्रों के लिए सुरक्षित सड़क” नारे के साथ शुरू किया है, जिसका उद्देश्य स्कूल आने-जाने के दौरान छात्रों की सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है। यह अभियान छात्रों, अभिभावकों, स्कूल बस चालकों और पर्यवेक्षकों पर केंद्रित है। न रुकने वाले चालकों पर 1,000 दिरहम जुर्माना और 10 यातायात अंक लगाए जाते हैं।

समाचार पढ़ें
गृह मंत्रालय और MBRSG ने नवाचार नेतृत्व कार्यक्रम का तीसरा संस्करण शुरू किया
01.09.2026

गृह मंत्रालय और MBRSG ने नवाचार नेतृत्व कार्यक्रम का तीसरा संस्करण शुरू किया

संयुक्त अरब अमीरात के गृह मंत्रालय ने मोहम्मद बिन राशिद स्कूल ऑफ गवर्नमेंट (MBRSG) के सहयोग से दुबई में ‘एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम फॉर इनोवेशन लीडर्स’ का तीसरा संस्करण शुरू किया। छह महीने का यह कार्यक्रम कुल 205 प्रशिक्षण घंटों का है और इसका उद्देश्य मंत्रालय के राष्ट्रीय प्रतिभाओं को सरकारी तथा सुरक्षा कार्य में नवाचार का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना है।

समाचार पढ़ें
यूएई विश्वविद्यालय ने चिकित्सा शिक्षा और नैदानिक प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने के लिए चिकित्सा सिमुलेशन केंद्र का उद्घाटन किया
01.09.2026

यूएई विश्वविद्यालय ने चिकित्सा शिक्षा और नैदानिक प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने के लिए चिकित्सा सिमुलेशन केंद्र का उद्घाटन किया

यूएई के राष्ट्रपति के सांस्कृतिक सलाहकार और संयुक्त अरब अमीरात विश्वविद्यालय (यूएईयू) के कुलाधिपति ज़ाकी अनवर नुसैबेह ने यूएईयू चिकित्सा सिमुलेशन केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। दो मंजिलों पर लगभग 4,000 वर्ग मीटर में फैले इस केंद्र में प्रमुख नैदानिक विशेषज्ञताओं को कवर करने वाली पाँच समर्पित सिमुलेशन इकाइयाँ, वर्चुअल रियलिटी तकनीक और उच्च-सटीकता वाले रोगी सिमुलेटर मौजूद हैं। यह उद्घाटन विश्वविद्यालय में चिकित्सा शिक्षा और नैदानिक प्रशिक्षण के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

समाचार पढ़ें
बाल सुरक्षा संगठन ने परिवार और स्कूल के साझा प्रयासों का आह्वान किया
01.09.2026

बाल सुरक्षा संगठन ने परिवार और स्कूल के साझा प्रयासों का आह्वान किया

शारजाह, 31 अगस्त 2026 (WAM) -- छात्रों की स्कूल वापसी के साथ ही बाल सुरक्षा संगठन ने परिवारों और स्कूलों से मिलकर काम करने का आह्वान किया है, ताकि शैक्षणिक वर्ष 2026-2027 के दौरान बच्चों की सुरक्षा और कल्याण से जुड़े छह प्रमुख स्तंभों को मजबूत किया जा सके। इनमें घर और स्कूल के बीच सुरक्षित आवागमन, स्वास्थ्य संबंधी तैयारी, परिवार की निगरानी में जिम्मेदार डिजिटल उपयोग, सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देना, खुला पारिवारिक संवाद और अभिभावकों तथा शिक्षकों के बीच निरंतर संपर्क शामिल हैं।

समाचार पढ़ें