अबू धाबी, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- अमीरात रेड क्रीसेंट (ईआरसी) ने अपनी नई 2026-2029 रणनीति की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य संस्थागत कार्यप्रणाली को और विकसित करना, मानवीय क्षेत्र में तेज़ बदलावों और बढ़ती चुनौतियों के अनुरूप चलना, तैयारी, दूरदर्शिता और प्रतिक्रिया की गति को बढ़ाना तथा एक अग्रणी राहत संस्था और मानवीय व सामुदायिक कार्यों के वैश्विक आदर्श के रूप में अपने दृष्टिकोण को आगे बढ़ाना है। यह रणनीति मानवता, स्थिरता, नवाचार और पारदर्शिता इन चार मूल मूल्यों पर आधारित है और इसका लक्ष्य कार्यकुशलता बढ़ाना, मानवीय एवं सामुदायिक प्रभाव का विस्तार करना तथा कार्यक्रमों और पहलों की स्थिरता को मज़बूत करना है। नई रणनीति चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। पहला स्तंभ वित्तीय स्थिरता है, जो विपणन गतिविधियों की दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के निवेश को अनुकूलित करने और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। दूसरा स्तंभ सामुदायिक और स्वयंसेवी प्रभाव की स्थिरता है, जिसका उद्देश्य मानवीय आवश्यकताओं को कुशलतापूर्वक और प्रभावी ढंग से पूरा करना, सक्रिय सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना और स्वयंसेवकों की क्षमताओं को सुदृढ़ करना है। तीसरा स्तंभ राहत कार्यों और सहायता की दक्षता से जुड़ा है, जिसमें मानवीय एवं राहत अपीलों पर प्रभावी प्रतिक्रिया, परियोजनाओं का कुशल प्रबंधन तथा एकीकृत एवं उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं का प्रावधान शामिल है। चौथा स्तंभ प्रभावी संस्थागत सेवाएँ उपलब्ध कराने पर केंद्रित है, ताकि कार्य-संचालन को दिए जाने वाले समर्थन की निरंतरता सुनिश्चित हो और सहायक सेवाओं की दक्षता बढ़े। ईआरसी के महासचिव अहमद सारी अल मज़रूई ने रणनीति के शुभारंभ समारोह में कहा कि चार वर्ष की यह नई योजना संगठन की मानवीय और संस्थागत यात्रा में एक नए चरण का प्रतीक है और आगामी अवधि के लिए उसकी दिशा इस प्रकार तय करती है कि वह अपने दृष्टिकोण, लक्ष्य और उद्देश्यों को कुशलता एवं प्रभावशीलता के साथ प्राप्त कर सके तथा अपने मानवीय और सामुदायिक प्रभाव का विस्तार कर सके। उन्होंने कहा कि नई रणनीति के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ऐसे प्रमुख साधनों की आवश्यकता है जो घटनाक्रम के साथ तालमेल बनाए रखें और ईआरसी के कार्य की प्रकृति के अनुरूप तंत्र को सक्रिय करें, क्योंकि इस कार्य में आपात स्थितियों और संकटों में त्वरित एवं पूर्वसक्रिय हस्तक्षेप, विभिन्न क्षेत्रों, देशों तथा क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों की अपीलों पर तत्काल प्रतिक्रिया और सहायता की आवश्यकता वाले लोगों के साथ निरंतर संवाद अपेक्षित है। अल मज़रूई ने कहा कि इन साधनों में नीतियाँ एवं अभिशासन, कुशल डिजिटल और तकनीकी समाधान, साझेदारियाँ एवं समझौते तथा मानव संसाधन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह रणनीति संयुक्त अरब अमीरात के दृष्टिकोण तथा देश की दान और मानवीय कार्य की लंबे समय से चली आ रही परंपरा से अपनी दिशा प्राप्त करती है। उन्होंने कहा कि ईआरसी एक अग्रणी मानवीय दानदाता के रूप में अपनी स्थिति को मज़बूत करना चाहता है और मानवीय एवं विकास कार्यों में वैश्विक आदर्श के रूप में संयुक्त अरब अमीरात की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करने में योगदान देना चाहता है। उन्होंने कहा कि आगामी चरण में कार्यक्रमों और पहलों में नवाचार, दक्षता, स्थिरता और प्रभाव मापन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जबकि क्रियान्वयन ईआरसी के संचित अनुभव, उसकी साझेदारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के साथ-साथ परोपकारियों और दानदाताओं के विश्वास पर आधारित होगा। अल मज़रूई ने कहा कि रणनीति का अंतिम उद्देश्य मानवीय सेवाओं और कार्यक्रमों की गुणवत्ता में गुणात्मक बदलाव लाना तथा अधिक प्रभावी और टिकाऊ मानवीय प्रभाव प्रदान करना है। उन्होंने कहा, “हमारी 2026-2029 रणनीति केवल एक कार्ययोजना नहीं, बल्कि एक रोडमैप है, जिसका उद्देश्य अमीरात रेड क्रीसेंट की पहलों को मज़बूत करना, उसकी तत्परता बढ़ाना और अगले चरण में उसके मानवीय मिशन की निरंतरता सुनिश्चित करना है।” अल मज़रूई ने कहा कि ईआरसी अपनी मानवीय विरासत से संकल्प प्राप्त करता है, ताकि वह अपनी मानवीय और विकास यात्रा जारी रख सके और मानवीय कार्यों में वैश्विक आदर्श के रूप में संयुक्त अरब अमीरात की स्थिति को और मज़बूत कर सके। उन्होंने कहा कि संगठन अपने उपलब्ध लाभों का अधिकतम उपयोग करेगा और अपनी क्षमताओं के आधार पर और अधिक उत्कृष्टता हासिल करेगा, कार्यक्रमों एवं पहलों में गुणात्मक परिवर्तन लाएगा तथा देश के नेतृत्व के सहयोग और परोपकारियों एवं दानदाताओं के सशक्त समर्थन से अपनी यात्रा के दौरान अर्जित उपलब्धियों को सुरक्षित रखेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह रणनीति दान और सेवा के एक नए दौर की शुरुआत करेगी तथा देश के भीतर और बाहर क्रियान्वित किए जाने वाले कार्यक्रमों एवं पहलों के विकास में नवाचार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से ईआरसी के कार्यक्षेत्र में अधिक प्रभावी और टिकाऊ समाधानों तक पहुँचने का माध्यम बनेगी।
(स्रोत: WAM.ae)
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