अबू धाबी, 6 सितंबर 2026 (WAM) -- अबू धाबी अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला (ADIBF 2026) का 35वां संस्करण ‘Emirati Pioneers’ (अमीराती अग्रदूत) पहल की शुरुआत करेगा, जो संयुक्त अरब अमीरात में संस्कृति और विचार के क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों के अग्रणी अनुभवों का दस्तावेज़ीकरण करने को समर्पित एक वार्षिक राष्ट्रीय परियोजना है। इस पहल का उद्देश्य उनके व्यक्तिगत योगदान और प्रभाव को प्रलेखित ज्ञान तथा स्थायी सांस्कृतिक सामग्री में बदलना है, ताकि सामूहिक राष्ट्रीय स्मृति सुदृढ़ हो, अमीराती सांस्कृतिक उपलब्धियाँ सुरक्षित रहें और वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुलभ बनें। यह पहल मेले के आयोजक अबू धाबी अरबी भाषा केंद्र (ALC) की उस व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जिसके तहत ऐसा सांस्कृतिक तंत्र बनाया जाना है जो ज्ञान का केवल सृजन और प्रसार ही न करे, बल्कि उसे संरक्षित भी करे, उपलब्ध कराए और उसकी पहुँच का दायरा बढ़ाए। ये उद्देश्य उस भूमिका के अनुरूप हैं जो ADIBF ने स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक संवाद तथा ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए मंच उपलब्ध कराकर स्थापित की है। ‘Emirati Pioneers’ एक मूल विश्वास पर आधारित है: बड़े सांस्कृतिक बदलावों को केवल संस्थाओं और उपलब्धियों के ज़रिये नहीं पढ़ा जा सकता, बल्कि उन लोगों के जीवन, उनकी यात्राओं को आकार देने वाली परिस्थितियों, उनके द्वारा आगे बढ़ाए गए विचारों, उनके शुरू किए गए प्रयासों और समाज पर छोड़े गए उनके प्रभाव के ज़रिये समझा जा सकता है, जिन्होंने इन बदलावों को संभव बनाया। इसी के अनुरूप यह पहल सांस्कृतिक जीवनी को उत्सव से आगे बढ़ाकर दस्तावेज़ीकरण तक, स्मरण से आगे बढ़ाकर ज्ञान तक और व्यक्तिगत अनुभव से आगे बढ़ाकर सामूहिक स्मृति तक ले जाना चाहती है। इस पहल के माध्यम से मेला अमीराती सांस्कृतिक परिदृश्य का एक क्रमिक रूप से समृद्ध होता वृत्तांत तैयार करना चाहता है और साहित्य, मीडिया, विचार, कला तथा सांस्कृतिक व संस्थागत कार्य में प्रभावशाली उपस्थिति रखने वाली हस्तियों की यात्राओं को फिर से देखता है। यह उनके अनुभवों को 1971 में संघ की स्थापना के बाद से यूएई में हुए बदलावों के संदर्भ में रखता है, जिससे अमीराती सांस्कृतिक जीवन के विकास को उसके मानवीय, संस्थागत और बौद्धिक मार्गों के ज़रिये पढ़ा जा सके। यह पहल सांस्कृतिक हस्तियों के सम्मान की पारंपरिक धारणा से आगे जाती है और ऐसे ज्ञान के सृजन पर आधारित है जो टिक सके और प्रसारित हो सके। इस उद्देश्य के लिए यह दस्तावेज़ीकरण, प्रकाशन और संवाद को परस्पर जुड़े उपकरणों के रूप में अपनाती है, ताकि इन अनुभवों को ज्ञान सामग्री, व्यक्तिगत साक्ष्यों, विशेष सत्रों, वृत्तचित्र प्रकाशनों और दृश्य कृतियों के माध्यम से पुनः सामने लाया जा सके। इससे मेले के आगंतुकों को, विशेषकर युवा पीढ़ियों को, ऐसे अनेक स्रोतों तक पहुँच मिलती है जो हर अनुभव को अलग-अलग दृष्टिकोणों से देखते हैं। यह दिशा स्वयं पुस्तक मेले की भूमिका में आए बदलाव को भी दर्शाती है। अपनी दृष्टि के अनुरूप, अबू धाबी अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला प्रकाशन उद्योग के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है, प्रकाशकों, लेखकों और बुद्धिजीवियों के बीच संवाद को मज़बूत करता है तथा विचारों के आदान-प्रदान, साझेदारियाँ बनाने और क्षेत्र के घटनाक्रमों को समझने के लिए स्थान उपलब्ध कराता है। यह पठन-पाठन को बढ़ावा देने, ज्ञान के प्रसार और राष्ट्रों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने में भी भूमिका निभाता है। इस दृष्टि से देखें तो ‘Emirati Pioneers’ इस भूमिका में राष्ट्रीय दस्तावेज़ीकरण का एक आयाम जोड़ती है और मेले को ऐसे स्थान में बदल देती है जहाँ ज्ञान का सृजन, संरक्षण और पुनः प्रस्तुतीकरण होता है। यह पहल सांस्कृतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए नए रास्ते खोलने की अबू धाबी अरबी भाषा केंद्र की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। हाल के वर्षों में केंद्र ने अपनी परियोजनाओं का विस्तार करते हुए अनुवाद, प्रकाशन, शोध एवं अध्ययन, पुरस्कार और पठन कार्यक्रमों को शामिल किया है, साथ ही युवा पीढ़ियों के लिए ऐसी पहलें भी शुरू की हैं जो पढ़ने, लिखने और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करती हैं। इस संदर्भ में ‘Emirati Pioneers’ इसी दिशा का स्वाभाविक विस्तार बन जाती है और साथ ही राष्ट्रीय सांस्कृतिक स्मृति से जुड़ा एक तत्व भी जोड़ती है। यह व्यक्तिगत अनुभवों को उन चरणों का हिस्सा मानती है जिनसे होकर आधुनिक अमीराती संस्कृति ने आकार लिया है। इसके अतिरिक्त, इस पहल में पीढ़ियों के बीच अनुभव के हस्तांतरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आयाम भी है। किसी सांस्कृतिक हस्ती, लेखक, मीडियाकर्मी या संस्था-निर्माता की यात्रा का दस्तावेज़ीकरण उनके निर्माण, कार्य और अनुभव के मार्गों को उजागर करता है और नई पीढ़ियों को ऐसे उदाहरण देता है जिन्हें वे पढ़ सकें, जिनसे प्रेरणा ले सकें और जिन पर आगे निर्माण कर सकें। इस प्रकार यह पहल सांस्कृतिक जीवनी को अध्ययन सामग्री, शोध के स्रोत और अमीराती परिदृश्य को आकार देने वाले बदलावों को समझने के द्वार में बदल देती है। एक वार्षिक और संचयी परियोजना के रूप में ‘Emirati Pioneers’ पहल का महत्व और बढ़ जाता है। हर संस्करण अमीराती संस्कृति के अभिलेख में एक नाम, एक अनुभव और एक नई परत जोड़ता है, और धीरे-धीरे पीढ़ियों में फैला एक ज्ञान-मानचित्र तैयार करता है जो यूएई में साहित्य, मीडिया, कला तथा सांस्कृतिक और बौद्धिक संस्थाओं के बदलावों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करता है। इस अर्थ में यह अतीत को केवल उसका उत्सव मनाने के लिए नहीं लौटाती, बल्कि भविष्य को आकार देने के लिए उसे एक संदर्भ के रूप में पुनः उपयोगी बनाती है। जब जीवनी पुस्तक बन जाती है, साक्ष्य दस्तावेज़ बन जाता है और व्यक्तिगत अनुभव शोधकर्ताओं तथा पाठकों के लिए उपलब्ध सामग्री बन जाता है, तब सांस्कृतिक विरासत केवल स्मृति में सुरक्षित एक अभिलेख नहीं रहती, बल्कि समाज का जीवंत हिस्सा बन जाती है। यह दृष्टिकोण अबू धाबी अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले की उस भूमिका को और मज़बूत करता है जिसमें वह अमीराती संस्कृति के वृत्तांत तैयार करने, उसकी प्रमुख हस्तियों का दस्तावेज़ीकरण करने, उसकी उपलब्धियों को सामने लाने और उसके अनुभवों को स्थानीय, अरब तथा अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करने वाले मंच के रूप में कार्य करता है।
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