अबू धाबी, 6 सितंबर 2026 (WAM) -- कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे-जैसे तीव्र गति से आगे बढ़ रही है, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में अमीराती महिलाओं की भागीदारी अब केवल एक उल्लेखनीय उपस्थिति भर नहीं रह गई है, बल्कि ज्ञान सृजन और भविष्य को आकार देने में सक्रिय योगदान बन गई है। इसे उस राष्ट्रीय व्यवस्था का सहयोग प्राप्त है जिसने शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को विकास के प्रमुख स्तंभ बनाया है।
वैज्ञानिक अनुसंधान को करियर और बौद्धिक जुनून दोनों के रूप में चुनने वाली अमीराती हस्तियों में डॉ. हनान अलदरमकी शामिल हैं, जो मोहम्मद बिन ज़ायद यूनिवर्सिटी ऑफ़ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (MBZUAI) में सेंटर ऑफ़ टीचिंग एंड लर्निंग की निदेशक और प्राकृतिक भाषा संसाधन की सहायक प्रोफ़ेसर हैं। उनकी यात्रा उच्च शैक्षणिक उपलब्धि, अनुसंधान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकियों के विकास में योगदान को एक साथ जोड़ती है।
अमीरात समाचार एजेंसी (WAM) से बात करते हुए अलदरमकी ने कहा कि यूएई नेतृत्व के समर्थन के कारण आज अमीराती महिलाओं के पास देश के भीतर ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने तथा वैज्ञानिक अनुसंधान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में करियर बनाने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अमीराती छात्रों में इस राह के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है।
उनकी अपनी यात्रा भी इसी समर्थन को दर्शाती है। अलदरमकी ने यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका में स्नातकोत्तर अध्ययन पूरा किया और फिर अर्जित विशेषज्ञता के साथ यूएई लौटकर अनुसंधान और अध्यापन में करियर बनाया, ताकि इस क्षेत्र में आने की इच्छा रखने वाले अमीराती छात्रों के लिए यह राह अधिक स्पष्ट और सुलभ हो सके।
उन्होंने जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी और यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैम्ब्रिज से एमफ़िल (MPhil) की उपाधि प्राप्त की है। वर्ष 2022 में MBZUAI से जुड़ने पर अलदरमकी विश्वविद्यालय के संकाय में शामिल होने वाली पहली महिला और पहली अमीराती बनीं।
आज वे विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ़ टीचिंग एंड लर्निंग का नेतृत्व करने के साथ-साथ अनुसंधान, अध्यापन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अगली पीढ़ी के शोधकर्ताओं का मार्गदर्शन भी जारी रखे हुए हैं।
इस क्षेत्र में अमीराती महिलाओं की बढ़ती उपस्थिति विश्वविद्यालय के 2026-2027 शैक्षणिक बैच में भी दिखाई देती है, जिसमें अमीराती छात्रों में 54 प्रतिशत छात्राएं हैं।
अलदरमकी ने कहा कि आज अमीराती महिलाओं की उपलब्धियां दशकों के समर्थन और दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम हैं, जिसने महिलाओं के सशक्तीकरण और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के महत्व को पहचाना।
एक अमीराती एआई शोधकर्ता के रूप में उनकी भूमिका पहचान, भाषा और संस्कृति से जुड़ी ज़िम्मेदारी भी लेकर आती है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों और अनुप्रयोगों में अधिकाधिक समाहित हो रही है, संस्कृतियों, मूल्यों और भाषाओं का सटीक प्रतिनिधित्व और भी अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
अलदरमकी ने कहा कि उनका कार्य उन्हें इस तेज़ी से विकसित हो रहे क्षेत्र में अपनी भाषा और अपने समाज के प्रतिनिधित्व में योगदान का अवसर देता है। उनके शोध का एक बड़ा हिस्सा अरबी तथा सीमित संसाधनों वाली भाषाओं और बोलियों के लिए प्राकृतिक भाषा एवं वाक् संसाधन पर केंद्रित है।
अरबी बोलियों की व्यापक विविधता के कारण यह क्षेत्र वास्तविक वैज्ञानिक चुनौतियां प्रस्तुत करता है। यूएई में बोली जाने वाली अरबी भी अलग-अलग रूप लेती है, जिससे इन सूक्ष्म भेदों की पहचान करना उनके कार्य का केंद्रीय हिस्सा बन जाता है। यह कार्य Ramsa Lab के माध्यम से किया जाता है, जो देशभर में बोली जाने वाली अमीराती बोलियों के दस्तावेज़ीकरण को समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है।
अलदरमकी ने स्पष्ट किया कि यह कार्य भाषा के दस्तावेज़ीकरण से आगे जाता है। यूएई की अमूर्त विरासत का बड़ा हिस्सा मौखिक रूप से हस्तांतरित होता है, अर्थात बोली जाने वाली भाषा का दस्तावेज़ीकरण सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं की एक विस्तृत श्रृंखला को भी संरक्षित करता है, और साथ ही ऐसी भाषा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए आवश्यक संसाधन तथा आधार उपलब्ध कराता है जो अमीराती भाषा और संस्कृति का अधिक सटीक प्रतिनिधित्व करें।
उन्होंने कहा कि MBZUAI शिक्षा और व्यावसायिक विकास के विभिन्न चरणों में अमीराती नागरिकों के लिए अनेक अवसर प्रदान करता है, जिनमें स्नातक स्तर के एआई कार्यक्रमों से लेकर स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट अध्ययन शामिल हैं, जहां छात्र उन्नत अनुसंधान कर सकते हैं और विभिन्न क्षेत्रों के साथ सहयोग कर सकते हैं।
इन अवसरों के विस्तार के तहत विश्वविद्यालय ने हाल ही में Ruwwad AI Scholars (RAIS) पोस्टडॉक्टोरल फ़ेलोशिप शुरू की है, जो पीएचडी पूरी कर चुके अमीराती शोधकर्ताओं को दुनिया के अग्रणी अनुसंधान संस्थानों में दो वर्ष का पोस्टडॉक्टोरल शोध करने का पूर्ण वित्तपोषित अवसर देती है और अमीराती संकाय सदस्यों तथा अनुसंधान नेतृत्वकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार करने में सहायक है।
अमीराती महिला दिवस के अवसर पर अलदरमकी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में वैज्ञानिक और शोधकर्ता बनने की आकांक्षा रखने वाली बालिकाओं को संबोधित करते हुए उनसे कहा कि वे यह पहचानें कि उनका ज्ञान और बौद्धिक क्षमता उनकी सबसे मूल्यवान पूंजी में से एक है।
उन्होंने उन्हें निरंतर सीखते रहने और जिन क्षेत्रों में वे अध्ययन तथा कार्य करती हैं उनकी गहरी समझ विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि किसी तकनीकी क्षेत्र की भाषा और अवधारणाओं में महारत महिलाओं को न केवल उसमें भाग लेने में सक्षम बनाती है, बल्कि उन्हें उसकी दिशा तय करने और उसके विकास को प्रभावित करने की क्षमता भी देती है।
अलदरमकी ने ज़ोर देकर कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित प्रौद्योगिकी अपने आप में लक्ष्य नहीं है, बल्कि लोगों की सेवा और मानव समृद्धि बढ़ाने का एक साधन है। उन्होंने कहा कि साझा ज़िम्मेदारी यह है कि इसका उपयोग एक टिकाऊ और समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए किया जाए।
(स्रोत: WAM.ae)
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