दुबई में किराया वृद्धि का नोटिस पाने वाले किरायेदारों को सबसे पहले RERA किराया सूचकांक देखना चाहिए, क्योंकि कानून किसी भी वृद्धि को इस बात से जोड़ता है कि मौजूदा किराया उसी क्षेत्र में समान इकाइयों के औसत किराया मूल्य की तुलना में कितना है।

दुबई के निवासी होने के नाते किरायेदार दुबई के भूमि कानूनों और उनके संशोधनों के अधीन हैं। दुबई अमीरात में अचल संपत्ति के किराये में वृद्धि निर्धारित करने संबंधी 2013 के डिक्री संख्या (43) ("दुबई किराया वृद्धि कानून") के अनुच्छेद 1 के अनुसार, किराया अनुबंध के नवीनीकरण पर अधिकतम अनुमत वृद्धि इस प्रकार है:

a. यदि इकाई का किराया समान इकाइयों के औसत किराया मूल्य से 10 प्रतिशत तक कम है, तो कोई वृद्धि नहीं;

b. यदि किराया समान इकाइयों के औसत किराया मूल्य से 11 से 20 प्रतिशत कम है, तो किराये का पाँच प्रतिशत;

c. यदि किराया समान इकाइयों के औसत किराया मूल्य से 21 से 30 प्रतिशत कम है, तो किराये का दस प्रतिशत;

d. यदि किराया समान इकाइयों के औसत किराया मूल्य से 31 से 40 प्रतिशत कम है, तो किराये का पंद्रह प्रतिशत;

e. यदि किराया समान इकाइयों के औसत किराया मूल्य से 40 प्रतिशत से अधिक कम है, तो किराये का बीस प्रतिशत।

यदि सूचकांक दर्शाता है कि इकाई के लिए कोई वृद्धि अनुमत नहीं है, तो मकान मालिक नवीनीकरण पर किराया नहीं बढ़ा सकता। जो किरायेदार अपने मकान मालिक के साथ समझौते पर नहीं पहुँच पाते, वे विवाद को दुबई के किराया विवाद निपटान केंद्र में ले जा सकते हैं।

(स्रोत: खलीज टाइम्स)