दुबई स्थित एक फर्म ने कहा है कि उसका कारोबार जारी है, जबकि उसकी मालकिन को विदेश में काम दिलाने का वादा कर नौकरी चाहने वालों से धोखाधड़ी करने की शिकायतों के बाद भारत के केरल में हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें अंतरिम ज़मानत दे दी गई। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट फर्म ने पुष्टि की कि यूएई में उसकी दोनों शाखाएँ, दुबई और अबू धाबी में, खुली हुई हैं।

फर्म की ग्राहक सेवा प्रतिनिधि ने कहा, “हम खुले हैं और हमारा काम सामान्य रूप से चल रहा है। हम एक दशक से अधिक समय से काम कर रही कंपनी हैं। हम लोगों को कनाडा प्रवास करने और अन्य यूरोपीय देशों में वर्क वीज़ा पाने में मदद करना जारी रखे हुए हैं।”

गुरुवार को केरल पुलिस ने मीडिया को पुष्टि की कि दुबई से केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम (आधिकारिक रूप से तिरुवनंतपुरम) पहुँची उद्यमी को कथित विदेशी रोज़गार धोखाधड़ी के सिलसिले में हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें अंतरिम ज़मानत दे दी गई। भारतीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महिला को उन शिकायतों के आधार पर हिरासत में लिया गया था जिनमें आरोप लगाया गया है कि उनकी कंपनी ने पोलैंड और आर्मेनिया में रोज़गार का वादा कर नौकरी चाहने वालों से धोखाधड़ी की।

भारतीय कानून के अनुसार, किसी व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने का अर्थ अनिवार्य रूप से यह नहीं है कि उसे गिरफ़्तार किया गया है। नागरिकों को जाँच के उद्देश्य से हिरासत में लिया जा सकता है और जाँच के निष्कर्षों के आधार पर कानूनी आरोप दायर किए जा सकते हैं या नहीं भी किए जा सकते।

कर्मचारी ने दावा किया कि उद्यमी अपने कर्मचारियों के साथ नियमित संपर्क में हैं। उन्होंने कहा, “मैडम हमारे कर्मचारी समूहों में लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने हम सभी से कहा कि काम पर ध्यान केंद्रित करते रहें और मीडिया व सोशल मीडिया पर जो प्रसारित हो रहा है उस पर ध्यान न दें।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि कर्मचारियों को भरोसा है कि उनकी बॉस दोषमुक्त हो जाएँगी। उन्होंने कहा, “मैडम ने कहा कि यह मामला एक गलतफ़हमी पर आधारित है और वह एक-दो दिन में बरी हो जाएँगी। हमें भरोसा है कि हम इस तूफ़ान से पार पा लेंगे।”

(स्रोत: Khaleej Times)