दुबई, 7 नवंबर 2026 (WAM) – दुबई संस्कृति एवं कला प्राधिकरण (दुबई कल्चर) की अध्यक्ष महामहिम शेखा लतीफा बिन्त मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने 31वें अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक/उभरती कला संगोष्ठी (ISEA2026 Dubai) का उद्घाटन किया, जो “ELYAH: Constellating Place, Data, and Identity” (एलियाह: स्थान, डेटा और पहचान का नक्षत्र) विषय के तहत आयोजित की जा रही है।
दुनिया भर के कलाकारों, शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों और विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने वाली यह संगोष्ठी अपने अब तक के सबसे बड़े संस्करण में इस बात की पड़ताल करती है कि कला, विज्ञान और प्रौद्योगिकी किस प्रकार रचनात्मक अभिव्यक्ति का विस्तार कर सकती हैं, सांस्कृतिक समझ को गहरा कर सकती हैं और इलेक्ट्रॉनिक व उभरती कला के भविष्य को आकार दे सकती हैं।
शेखा लतीफा ने ARTE MUSEUM Dubai में इंटरैक्टिव ELYAH शो का शुभारंभ कर उद्घाटन किया। दुबई की खगोलीय विरासत से प्रेरित इस अनुभव में प्रकाश, संगीत, प्रदर्शन और डिजिटल प्रौद्योगिकी को मिलाकर लोगों, स्थान और पहचान के बीच के संबंध को दर्शाया गया। एक इंटरैक्टिव तारे पर कदम रखकर शेखा लतीफा ने एक दृश्य श्रृंखला सक्रिय की, जिसमें ELYAH की कहानी, नौवहन मार्गदर्शक के रूप में इसकी ऐतिहासिक भूमिका और दुबई के अतीत से इसके जुड़ाव को दिखाया गया। इस अनुभव ने अमीरात की विरासत को उसके भविष्य से जोड़ा और यह रेखांकित किया कि कला, विज्ञान और प्रौद्योगिकी किस तरह संस्कृतियों, पीढ़ियों और विचारों के बीच संवाद स्थापित कर सकती हैं।
संगोष्ठी के उद्घाटन के साथ ही बुर्ज खलीफा का अग्रभाग एक शानदार प्रोजेक्शन शो से जगमगा उठा, जिसने तारों, प्रकाश और संगोष्ठी की डिजिटल पहचान से प्रेरित दृश्य रचनाओं के माध्यम से ELYAH की कहानी को जीवंत कर दिया।
शेखा लतीफा ने कहा कि ISEA की मेजबानी वैश्विक कला समुदाय में दुबई के बढ़ते प्रभाव और संस्कृति तथा कला के भविष्य के प्रति उसके दृष्टिकोण को दर्शाती है। उन्होंने कला और प्रौद्योगिकी के बीच अंतरराष्ट्रीय संवाद के नए रास्ते खोलने की शहर की प्रतिबद्धता पर जोर दिया, जिससे विविध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के कलाकारों और शोधकर्ताओं को एक-दूसरे से सीखने, मिलकर विचार विकसित करने और अपने काम को प्रेरित करने वाले समुदायों व परंपराओं से जुड़े रहते हुए डिजिटल मीडिया का अन्वेषण करने का अवसर मिलता है।
शेखा लतीफा ने कहा, “यह संगोष्ठी दुबई की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो नवाचार की संस्कृति के भीतर डिजिटल कला और नए विचारों के विकास के लिए जगह बनाती है। यह हमें प्रौद्योगिकी के साथ अपने संबंध पर और इस बात पर विचार करने के लिए आमंत्रित करती है कि ये उपकरण लोगों के अनुभवों को कैसे समृद्ध कर सकते हैं और संस्कृतियों को एक-दूसरे के करीब ला सकते हैं। इस आदान-प्रदान के माध्यम से दुबई रचनात्मकता के एक वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करता जा रहा है, जहाँ कलाकार अपनी कला को विकसित कर उत्कृष्टता हासिल कर सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इस वर्ष का विषय ELYAH अपना अर्थ उस तारे से लेता है जिसने रेगिस्तानों और समुद्रों के पार हमारे पूर्वजों का मार्गदर्शन किया, और जो उनके द्वारा हमें सौंपे गए ज्ञान को कल के लिए हमारी आकांक्षाओं से जोड़ता है। जैसे-जैसे हमारी सांस्कृतिक विरासत डिजिटल क्षेत्रों में नए रूप ले रही है, हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी पहचान की रक्षा करें और हर पीढ़ी को उस विरासत को समझने, समृद्ध करने और गर्व के साथ आगे ले जाने में मदद करें। अपनी विरासत को संरक्षित करने का अर्थ है उसकी कहानियों और उनमें निहित मानवीय मूल्यों व अर्थों का ध्यान रखना।”
ARTE MUSEUM Dubai के अपने दौरे के दौरान शेखा लतीफा बिन्त मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने ELYAH अनुभव के तहत प्रस्तुत अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की डिजिटल कलाकृतियों का अवलोकन किया। प्रकृति और तारों से प्रेरित इन कृतियों ने ब्रह्मांड के साथ मानवता के संबंध पर विभिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत किए और दिखाया कि डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ गति, रंग, ध्वनि और डेटा को मिलाकर कलात्मक विचारों को किस प्रकार इमर्सिव वातावरण में बदल सकती हैं, जिससे दर्शकों के लिए डिजिटल कला से जुड़ने के नए तरीके बनते हैं।
उन्होंने तैयॉन्ग आन की कृति “Quantum Memory Fossils - Where Breath Becomes Light” देखी, जो प्राकृतिक वातावरण, वास्तुकला और कल्पना को मिलाने वाले डिजिटल परिदृश्यों के माध्यम से प्रकृति, स्मृति और भविष्य के बीच संबंधों की पड़ताल करती है। उन्होंने इना हुर और सेरकान जोलबोल्डिन की कृति “Cosmic Balance: A Hybrid Cosmos of Water, Light & Gesture” का भी अनुभव किया, जो प्रकृति और प्रौद्योगिकी के बीच संतुलन की पड़ताल के लिए पारंपरिक तत्वों को समकालीन दृश्य अभिव्यक्ति में लाती है। “Saving Aesthetics” में ओरखान मम्मदोव ने डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से पारंपरिक पैटर्न और प्रतीकों की पुनर्व्याख्या की और दिखाया कि समकालीन कला दृश्य अभिव्यक्ति के नए रूपों के जरिए सांस्कृतिक स्मृति को कैसे संरक्षित कर सकती है।
दुबई कल्चर द्वारा ISEA के 31वें संस्करण की मेजबानी कलाकारों, शोधकर्ताओं तथा सांस्कृतिक, शैक्षणिक और प्रौद्योगिकी संस्थानों के बीच अनुसंधान, प्रयोग, नवाचार और सहयोग के अवसर पैदा करके उसके डिजिटल आर्ट्स रोडमैप के उद्देश्यों का समर्थन करती है। यह अमीराती प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना काम और दृष्टिकोण साझा करने, पेशेवर संबंध बनाने और कलात्मक अभ्यास के नए दृष्टिकोण तलाशने में सक्षम बनाती है। ये आदान-प्रदान सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों के विकास में सहायक हैं और अमीराती विरासत में निहित संस्कृति के वैश्विक संदर्भ, नवाचार में अग्रणी तथा रचनात्मक अर्थव्यवस्था के प्रेरक के रूप में दुबई की स्थिति को मजबूत करते हैं।
संगोष्ठी में दुबई भर में 100 से अधिक कलाकृतियों वाला प्रत्यक्ष कलात्मक कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए सुलभ ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यक्रम शामिल है। कलात्मक कार्यक्रम में इंस्टॉलेशन, प्रदर्शन, दृश्य प्रस्तुतियाँ और इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। ऑनलाइन शैक्षणिक कार्यक्रम में 145 शोध पत्र, कलाकारों और विशेषज्ञों की 50 से अधिक वार्ताएँ व संवाद तथा 10 से अधिक कार्यशालाएँ हैं। इसमें चार विशेष ट्रैक भी हैं, जिनमें 45 से अधिक कार्यशालाएँ, पैनल चर्चाएँ और प्रस्तुतियाँ, सात Eco Labs कार्यशालाएँ और 20 से अधिक संस्थागत प्रस्तुतियाँ शामिल हैं।
15 नवंबर तक चलने वाली यह संगोष्ठी चार प्रमुख विषयों पर केंद्रित है: “Celestial Dialogues” (खगोलीय संवाद), “Charting Constellations” (नक्षत्रों का मानचित्रण), “Eco-Tech Futures” (इको-टेक भविष्य) और “Starlinked Worlds” (तारों से जुड़े संसार)। सत्रों में स्थान, स्मृति, पहचान और उभरती प्रौद्योगिकियों के बीच संबंधों के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी और डिजिटल दुनिया में मानवीय संपर्क के भविष्य पर चर्चा की जाती है। ये सत्र मिलकर इस बात पर विचार करते हैं कि कला किस प्रकार तकनीकी परिवर्तन और समाजों व संस्कृतियों पर उसके प्रभावों की समझ को गहरा कर सकती है।
(स्रोत: WAM.ae)
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