अबू धाबी, 3 अक्टूबर 2026 (वाम) – संयुक्त अरब अमीरात के केंद्रीय बैंक (CBUAE) और मोरक्को साम्राज्य के केंद्रीय बैंक 'बैंक अल-मग़रिब' ने बैंकिंग पर्यवेक्षण और इस्लामी वित्त के क्षेत्र में सहयोग मज़बूत करने तथा भुगतान और वित्तीय संदेश प्रणालियों को आपस में जोड़ने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

ये समझौता ज्ञापन दोनों भाईचारे वाले देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने और सीमा-पार वित्तीय लेनदेन की दक्षता बढ़ाने में योगदान देंगे। इन पर अबू धाबी स्थित CBUAE मुख्यालय में CBUAE के गवर्नर ख़ालिद मोहम्मद बालामा और बैंक अल-मग़रिब के गवर्नर अब्देललतीफ़ जौहरी ने हस्ताक्षर किए।

पहले समझौता ज्ञापन के तहत दोनों पक्ष नियामक और पर्यवेक्षी मुद्दों पर सहयोग बढ़ाएँगे तथा बैंकों और वित्तीय संस्थानों से संबंधित पर्यवेक्षी जानकारी का आदान-प्रदान करेंगे। वे पर्यवेक्षी प्रथाओं और विनियमों पर समन्वय करेंगे, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान और संस्थागत क्षमता निर्माण करेंगे, इस्लामी बैंकिंग के शरिया शासन निकायों के बीच समन्वय मज़बूत करेंगे, और व्यापार वित्त तथा बुनियादी ढाँचा निवेश सहित सीमा-पार शरिया-अनुरूप वित्तपोषण विकसित करेंगे।

दूसरे समझौता ज्ञापन का उद्देश्य दोनों देशों के त्वरित भुगतान प्लेटफ़ॉर्म, राष्ट्रीय कार्ड स्विच और वित्तीय संदेश प्रणालियों को आपस में जोड़ने की संभावना तलाशना है, ताकि दोनों देशों की नियामक और पर्यवेक्षी आवश्यकताओं के अनुरूप सीमा-पार लेनदेन के प्रसंस्करण और निपटान को आसान बनाया जा सके और घरेलू भुगतान कार्डों की पारस्परिक स्वीकार्यता संभव हो सके।

इस समझौता ज्ञापन में खुदरा और थोक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (CBDC) के विकास में विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, दोनों देशों के बीच सीमा-पार भुगतानों में उनके उपयोग के तरीकों की खोज, और फ़िनटेक तथा क्रिप्टो-परिसंपत्तियों और स्टेबलकॉइन सहित आभासी परिसंपत्तियों के लिए नियामक और पर्यवेक्षी ढाँचों एवं संबंधित उपभोक्ता संरक्षण तंत्रों पर सहयोग भी शामिल है।

बालामा ने कहा, “बैंक अल-मग़रिब के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर यूएई के बुद्धिमान नेतृत्व के दृष्टिकोण के अनुरूप और दोनों देशों के पारस्परिक हितों के समर्थन में, भाईचारे वाले मोरक्को साम्राज्य के साथ वित्तीय और बैंकिंग सहयोग का विस्तार करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सहयोग के माध्यम से हम पर्यवेक्षी विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करने, इस्लामी वित्त समाधान विकसित करने और भुगतान प्रणालियों के बीच संबंध मज़बूत करने के अवसर तलाशने की आशा करते हैं, जिससे एक अधिक कुशल और नवोन्मेषी वित्तीय क्षेत्र के निर्माण में योगदान मिलेगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक व व्यापारिक संबंधों को समर्थन मिलेगा।”

जौहरी ने कहा कि ये दोनों समझौता ज्ञापन बैंक अल-मग़रिब और यूएई केंद्रीय बैंक के बीच साझेदारी को सुदृढ़ करने तथा पर्यवेक्षण, विनियमन और इस्लामी वित्त में समन्वय का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण क़दम हैं। उन्होंने आगे कहा, “यह साझेदारी सीमा-पार वित्तीय लेनदेन को विकसित करने और उनके प्रसंस्करण में तेज़ी लाने, तथा दोनों देशों के बीच भुगतानों में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं के उपयोग के तरीके तलाशने के अवसर भी खोलती है, जिससे वित्तीय लेनदेन में अधिक दक्षता आएगी और दोनों संस्थानों के बीच सहयोग मज़बूत होगा।”

(स्रोत: WAM.ae)