संयुक्त अरब अमीरात के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुबई के भविष्य के अनुसंधान, विकास और नवाचार कैंपस 'नाद ज़बील' की घोषणा के अवसर पर उपस्थिति दर्ज की। यह नया वास्तुशिल्पीय और ज्ञान-केंद्रित स्थल दुबई के अनुसंधान, विकास और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का एक प्रमुख केंद्र तथा वैश्विक साझेदारियों, पहलों और महत्वाकांक्षी अनुसंधान परियोजनाओं का इनक्यूबेटर होगा।
यह ज्ञान सृजन और उन्नत प्रौद्योगिकी विकास के एक विश्वसनीय क्षेत्रीय और वैश्विक केंद्र के रूप में दुबई की स्थिति को और मज़बूत करेगा। इस परियोजना की शुरुआत दुबई के क्राउन प्रिंस, यूएई के उप-प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री और दुबई फ्यूचर फ़ाउंडेशन के न्यासी मंडल के अध्यक्ष महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने की।
यूएई ओलंपिक समिति के अध्यक्ष महामहिम शेख मंसूर बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और दुबई संस्कृति एवं कला प्राधिकरण की अध्यक्ष महामहिम शेखा लतीफ़ा बिंत मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने कहा: “महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के दृष्टिकोण से निर्देशित होकर दुबई भविष्य का पूर्वानुमान लगाने और उसे आकार देने पर केंद्रित एकीकृत सरकारी ढाँचे को संस्थागत रूप देने वाला दुनिया का पहला शहर बना। इसने भविष्य संबंधी सोच को अलग-अलग पहलों और परियोजनाओं की श्रृंखला से एक टिकाऊ संस्थागत दृष्टिकोण में बदल दिया।
यह यात्रा वर्षों पहले शुरू हुई, जिसमें मोहम्मद बिन राशिद के दृष्टिकोण को संस्थानों, पहलों और परियोजनाओं के एक एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र में बदला गया, जो भविष्य की रूपरेखा तैयार करता है और उसके बदलावों की तैयारी करता है।”
शेख हमदान बिन मोहम्मद ने कहा: “आज इस पारिस्थितिकी तंत्र में म्यूज़ियम ऑफ़ द फ़्यूचर, दुबई फ्यूचर फ़ाउंडेशन, दुबई फ्यूचर एक्सेलेरेटर्स, दुबई फ्यूचर लैब्स और दुबई फ्यूचर एकेडमी शामिल हैं। ये संस्थान और पहलें मिलकर बदलावों का पूर्वानुमान लगाते हैं, प्रतिभा का विकास करते हैं, समाधानों का परीक्षण करते हैं और विचारों को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलते हैं।
हम आज 'नाद ज़बील' के शुभारंभ के साथ इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह दुबई के भविष्य-निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में एक बड़ा जुड़ाव है और वैज्ञानिक अनुसंधान, विकास और नवाचार को एक साथ लाने वाला वैश्विक केंद्र है, ताकि ज्ञान को नए आर्थिक और विकासात्मक अवसरों में बदला जा सके।”
शेख हमदान बिन मोहम्मद ने रेखांकित किया: “दुबई में भविष्य को आकार देना कोई नारा या अस्थायी परियोजना नहीं, बल्कि मोहम्मद बिन राशिद द्वारा स्थापित एक एकीकृत संस्थागत प्रणाली है, जिसे हम विकसित करते रहेंगे और जिस पर आगे निर्माण करते रहेंगे।
हमारा लक्ष्य दुबई को वैश्विक बदलावों का पूर्वानुमान लगाने, भविष्य की चुनौतियों के समाधान विकसित करने, दुनिया की अग्रणी प्रतिभाओं और विशेषज्ञता को आकर्षित करने तथा ज्ञान सृजन और भविष्य-निर्माण के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मज़बूत करने में अग्रणी बनाए रखना है।”
कैबिनेट मामलों के मंत्री, न्यासी मंडल के उपाध्यक्ष और दुबई फ्यूचर फ़ाउंडेशन के प्रबंध निदेशक मोहम्मद अब्दुल्ला अल गरगावी ने कहा: “'नाद ज़बील' महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के दृष्टिकोण को कार्रवाई में बदलता है और अनुसंधान तथा विकास को प्रगति और आर्थिक अवसर के प्रमुख प्रेरक के रूप में स्थापित करता है।
यह कैंपस एक वैश्विक संस्थागत मंच प्रदान करेगा, जो शोधकर्ताओं, विश्वविद्यालयों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, निवेशकों और सरकारी संस्थाओं को एक ही परिवेश में एक साथ लाएगा। इससे वैज्ञानिक प्रतिभा और ज्ञान निवेश के विश्वसनीय गंतव्य तथा भविष्य की अर्थव्यवस्था में प्रभावशाली केंद्र के रूप में दुबई की स्थिति मज़बूत होगी।”
'नाद ज़बील' मानव जीवन के लिए केंद्रीय महत्वपूर्ण क्षेत्रों के भविष्य को डिज़ाइन और विकसित करने का एक प्रमुख केंद्र बनेगा, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, उन्नत प्रौद्योगिकी, शहरी प्रौद्योगिकियाँ तथा स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं।
यह भविष्य के क्षेत्रों को विकसित करने और अर्थव्यवस्था में उनका योगदान बढ़ाने के दुबई के प्रयासों में नई संस्थागत और अनुसंधान क्षमता जोड़ेगा। यह कैंपस दुबई के उस एकीकृत पारिस्थितिकी तंत्र पर आधारित है, जिसमें दूरदर्शिता, अनुसंधान, विकास, नवाचार और भविष्य के कौशल शामिल हैं और जिसे 2016 से चरणबद्ध रूप से संस्थागत रूप दिया गया है।
इस पारिस्थितिकी तंत्र में दुबई फ्यूचर फ़ाउंडेशन, दुबई फ्यूचर एक्सेलेरेटर्स, म्यूज़ियम ऑफ़ द फ़्यूचर, दुबई फ्यूचर लैब्स और दुबई फ्यूचर एकेडमी के साथ-साथ महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सेवा करने वाले आर्थिक ज़िले और विशेष केंद्र शामिल हैं। 'नाद ज़बील' समर्पित अनुसंधान अवसंरचना जोड़ेगा, जो नए समाधानों के विकास और अनुप्रयोग को तेज़ करने के लिए साझेदारों को एक साथ लाएगी।
ज़बील पार्क में स्थित 'नाद ज़बील' में प्रयोगशालाएँ, वैज्ञानिक एवं अनुसंधान केंद्र, तथा रचनात्मकता और नवाचार इनक्यूबेटर होंगे। यह यूएई, क्षेत्र और दुनिया भर की विशेष प्रतिभा और विशेषज्ञता के साथ अग्रणी वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों, नवप्रवर्तकों और भविष्य के अग्रदूतों को एक साथ लाएगा।
निर्माण और संबंधित संचालन के दुबई फ्यूचर फ़ाउंडेशन की देखरेख में पाँच वर्षों के भीतर पूरे होने की उम्मीद है। दुबई के केंद्र में स्थित यह कैंपस शहर के कई प्रमुख स्थलों और व्यावसायिक केंद्रों, जिनमें बुर्ज खलीफ़ा, दुबई इंटरनेशनल फ़ाइनेंशियल सेंटर, म्यूज़ियम ऑफ़ द फ़्यूचर, एमिरेट्स टावर्स और दुबई फ़्रेम शामिल हैं, से एक किलोमीटर के भीतर होगा।
यह नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं और भविष्य को आकार देने वालों के लिए वैश्विक गंतव्य बनेगा। 'नाद ज़बील' में अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियाँ, शैक्षणिक संस्थान, विश्वविद्यालय, प्रतिष्ठित संस्थान और सरकारी संस्थाएँ, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के अग्रणी विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, इंजीनियर, नवप्रवर्तक और भविष्य के अग्रदूत होंगे।
कैंपस भविष्य के कानून तैयार करने वाली संस्थाओं, संभावनाशील स्टार्ट-अप और स्थानीय तथा अंतरराष्ट्रीय निवेश कंपनियों के लिए भी आधार प्रदान करेगा। इसमें मनोरंजन सुविधाएँ तथा वैज्ञानिक और पेशेवर आयोजनों व सभाओं के लिए समर्पित स्थान भी होंगे।
'नाद ज़बील' एक्सेलेरेटर और इनक्यूबेटर कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार, निवेशकों, शोधकर्ताओं और स्टार्ट-अप के बीच सहयोग को मज़बूत करेगा, जो संभावनाशील कंपनियों का समर्थन करते हैं और उन्हें विकास व विस्तार के लिए आवश्यक निवेश तक पहुँचने में मदद करते हैं। इसके कार्यक्रमों और आयोजनों में प्रतिवर्ष 30,000 से अधिक वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों के भाग लेने की उम्मीद है।
डी33 लक्ष्यों के अनुरूप
'नाद ज़बील' का शुभारंभ महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम द्वारा शुरू किए गए दुबई आर्थिक एजेंडा (डी33) के उद्देश्यों का समर्थन करता है। डी33 में 100 परिवर्तनकारी परियोजनाएँ शामिल हैं और इसका लक्ष्य 2033 तक दुबई की अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना करना तथा व्यवसाय के लिए दुनिया के शीर्ष तीन शहरों में उसकी स्थिति को मज़बूत करना है।
यह कैंपस ज्ञान अर्थव्यवस्था को मज़बूत करके, विशेषीकृत निवेश और प्रतिभा को आकर्षित करके, प्रौद्योगिकी कंपनियों और स्टार्ट-अप के विकास को गति देकर, और वैज्ञानिक अनुसंधान को वाणिज्यिक विकास तथा भविष्य के कानून से जोड़ने वाला वातावरण बनाकर इन उद्देश्यों का समर्थन करेगा। इससे दुबई की प्रतिस्पर्धात्मकता और नए उच्च-मूल्य वाले क्षेत्रों का नेतृत्व करने की उसकी क्षमता मज़बूत होगी।
'नाद ज़बील' दुबई अनुसंधान, विकास और नवाचार (आरडीआई) पारिस्थितिकी तंत्र के प्रयासों और पहलों के लिए इनक्यूबेटर का काम करेगा, जिसकी स्थापना महामहिम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम के निर्देशों पर दिसंबर 2025 में की गई थी। दुबई फ्यूचर फ़ाउंडेशन की देखरेख वाला यह पारिस्थितिकी तंत्र अनुसंधान, विकास और नवाचार में मौजूदा और भावी परियोजनाओं तथा पहलों के लिए एक छत्र प्रदान करता है।
यह दुबई और पूरे यूएई में सरकारी और निजी क्षेत्र की संस्थाओं को उभरती प्रौद्योगिकियों और उन्नत अनुप्रयोगों पर आधारित उच्च-प्रभाव वाले विचार विकसित करने में सहायता करता है। यह अनुसंधान प्रयासों को एकीकृत करने और उन्हें आर्थिक, सामाजिक तथा विकासात्मक प्राथमिकताओं से जोड़ने वाला ढाँचा भी प्रदान करता है।
'नाद ज़बील' नाम अमीराती शब्द 'नाद' से लिया गया है, जिसका अर्थ ऊँची भूमि है। यह कैंपस के विशिष्ट वास्तुशिल्पीय चरित्र को दर्शाता है और अनुसंधान, ज्ञान और नवाचार में नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की दुबई की आकांक्षा को मूर्त रूप देता है।
(स्रोत: WAM.ae)
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