दुबई, 3 सितंबर 2026 (WAM) -- कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैश्विक साइबर सुरक्षा परिदृश्य को बदल रही है। यह एक ओर साइबर रक्षा को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर तेज और अधिक परिष्कृत हमलों को भी संभव बना रही है। विश्व आर्थिक मंच की ‘ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी आउटलुक 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, 94% संगठनों का मानना है कि आने वाले वर्ष में साइबर सुरक्षा में बदलाव का सबसे बड़ा कारक कृत्रिम बुद्धिमत्ता होगी, जबकि 87% संगठन एआई से जुड़ी कमजोरियों को सबसे तेजी से बढ़ते साइबर जोखिम के रूप में चिह्नित करते हैं।
इसी पृष्ठभूमि में, दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर (DWTC) और इंफॉर्मा के संयुक्त उद्यम inD द्वारा आयोजित GISEC Global 2026, 16 से 18 सितंबर 2026 तक एक्सपो सिटी दुबई स्थित दुबई एग्जीबिशन सेंटर में ‘साइबर फर्स्ट: नई डिजिटल व्यवस्था’ थीम के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहा है।
दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा साइबर सुरक्षा आयोजन और मध्य पूर्व एवं अफ्रीका का सबसे प्रभावशाली साइबर सुरक्षा मंच GISEC Global इस माह अपना 15वां संस्करण शुरू कर रहा है। यह आयोजन पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत बढ़ा है, जो साइबर सुरक्षा में नवाचार, सहयोग और निवेश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग को दर्शाता है।
यूएई साइबर सुरक्षा परिषद, दुबई इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सेंटर (DESC), गृह मंत्रालय और दुबई पुलिस की मेजबानी एवं समर्थन में आयोजित हो रहे GISEC Global 2026 में 25,000 से अधिक साइबर सुरक्षा पेशेवर, 750 से अधिक प्रदर्शक ब्रांड, 350 से अधिक विशेषज्ञ वक्ता और 180 से अधिक देशों के प्रतिभागी जुटेंगे, जो वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य को आकार देने वाली प्रमुख साइबर सुरक्षा चुनौतियों पर विचार करेंगे।
यूएई साइबर सुरक्षा परिषद के प्रमुख डॉ. मोहम्मद अल कुवैती ने कहा: “कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भू-राजनीतिक अस्थिरता और डिजिटल प्रौद्योगिकियों का तीव्र विकास साइबर सुरक्षा परिदृश्य को मूल रूप से नया आकार दे रहे हैं। जैसे-जैसे साइबर खतरे अधिक जटिल और परस्पर जुड़े होते जा रहे हैं, कोई भी अकेला देश या संगठन इन चुनौतियों का सामना नहीं कर सकता।
यूएई अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने, साइबर लचीलापन बढ़ाने और ऐसे भरोसेमंद डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है जो नवाचार और सतत आर्थिक विकास को संभव बनाएं। GISEC Global 2026 सरकारों, उद्योग और वैश्विक साइबर सुरक्षा समुदाय को एक साथ लाकर ऐसे व्यावहारिक समाधान विकसित करेगा जो हमारे साझा डिजिटल भविष्य की रक्षा में मदद करेंगे।”
दुबई इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी सेंटर के मुख्य कार्यकारी यूसुफ हमद अल शैबानी ने कहा: “GISEC Global हमेशा से DESC के लिए साइबर सुरक्षा समुदाय से जुड़ने, विशेषज्ञता साझा करने और दुबई के साइबर लचीलेपन को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच रहा है। इस वर्ष हम अपनी दो प्रमुख प्रतियोगिताओं—‘दुबई साइबर चैलेंज – गवर्नमेंट एडिशन’ और ‘स्कूल ऑफ साइबर डिफेंस’—के दूसरे संस्करणों के साथ इस गति को आगे बढ़ा रहे हैं, जो पूरे यूएई के विश्वविद्यालय छात्रों को अपने कौशल दिखाने और निखारने का अवसर देंगे।
ये दोनों पहलें मिलकर हर स्तर पर साइबर क्षमताओं को मजबूत करने में हमारे निरंतर निवेश को दर्शाती हैं—प्रतिभा की अगली पीढ़ी तैयार करने से लेकर हमारी सरकारी संस्थाओं की सुरक्षा करने वाले पेशेवरों के कौशल को उन्नत करने तक।
इस वर्ष हमारी भागीदारी प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं रहेगी। नई पहलों और घटनाक्रमों के जरिए उभरती चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाने और दुबई के साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर DESC का निरंतर ध्यान परिलक्षित होगा। हम GISEC Global 2026 में और अधिक जानकारी साझा करने के लिए उत्सुक हैं।”
inD की कार्यकारी उपाध्यक्ष ट्रिक्सी लोहमिरमंड ने कहा: “डिजिटल अर्थव्यवस्था तभी फल-फूल सकती है जब वह भरोसे, लचीलेपन और सुरक्षित नवाचार पर आधारित हो। आज साइबर सुरक्षा केवल एक तकनीकी मुद्दा नहीं रह गई है। यह आर्थिक विकास, राष्ट्रीय लचीलेपन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता की बुनियाद है।
“ऐसे समय में जब साइबर खतरे अलग-थलग आईटी समस्याएं न रहकर अर्थव्यवस्थाओं, संप्रभुता और जन-विश्वास के लिए सीधी चुनौती बन चुके हैं, GISEC Global एक महत्वपूर्ण मंच बन जाता है जो देशों को लचीलापन मजबूत करने, क्षमताएं तेजी से विकसित करने और दुनिया के अग्रणी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों से जुड़ने में मदद करता है।”
राष्ट्रीय लचीलेपन, आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता और डिजिटल विश्वास में साइबर सुरक्षा की बढ़ती भूमिका को देखते हुए, GISEC Global 2026 ‘साइबर फर्स्ट’ को अपनी समग्र रणनीतिक थीम और विचार-नेतृत्व मंच के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। यह इस तथ्य को स्वीकार करता है कि साइबर सुरक्षा अब एक तकनीकी विषय से आगे बढ़कर बोर्डरूम, सरकार और राष्ट्रीय स्तर की प्राथमिकता बन चुकी है।
‘साइबर फर्स्ट’ के केंद्र में नया ‘साइबर फर्स्ट लीडरशिप समिट’ है, जिसमें मंत्री, राष्ट्रीय साइबर प्राधिकरण, वैश्विक कंपनियों के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी (CISO) और प्रौद्योगिकी जगत के अगुआ शामिल होंगे। यह शिखर सम्मेलन कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भू-राजनीतिक प्रभाव, डिजिटल संप्रभुता, राष्ट्र-प्रायोजित साइबर खतरों और भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं के लचीलेपन पर विचार करेगा।
‘साइबर फर्स्ट’ एजेंडे पर आधारित इस वर्ष का विस्तारित सम्मेलन कार्यक्रम साइबर जोखिम की बदलती प्रकृति तथा राष्ट्रीय लचीलेपन, आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता और डिजिटल विश्वास में साइबर सुरक्षा के बढ़ते महत्व को दर्शाता है।
‘साइबर फर्स्ट लीडरशिप समिट’ के साथ-साथ नया ‘नेशनल डिफेंस एंड सॉवरेन साइबर ट्रैक’ राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से साइबर लचीलेपन की पड़ताल करेगा, जबकि यूएई साइबर सुरक्षा परिषद और टेक्नोलॉजी इनोवेशन इंस्टीट्यूट द्वारा आयोजित ‘क्वांटम सिक्योरिटी समिट’ सरकारों और संगठनों को पोस्ट-क्वांटम युग में परिवर्तन के लिए तैयार करेगा।
कार्यक्रम में ‘ग्लोबल क्वांटम ड्रिल’ की भी शुरुआत हो रही है, जो पूर्ववर्ती ‘ग्लोबल साइबर ड्रिल’ का विकसित रूप है और जिसे दुनिया का सबसे बड़ा क्वांटम तैयारी अभ्यास बनाने की योजना है। इसके साथ ही DESC और यूएई साइबर सुरक्षा परिषद द्वारा एक विस्तारित सरकारी कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। समर्पित सम्मेलन मंचों पर परिचालन प्रौद्योगिकी (OT) सुरक्षा, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, साइबर कूटनीति, एथिकल हैकिंग, एआई-संचालित साइबर रक्षा, क्लाउड सुरक्षा और कार्यबल विकास पर चर्चा होगी।
प्रदर्शनी में वैश्विक प्रौद्योगिकी अग्रणी कंपनियां, क्लाउड हाइपरस्केलर और साइबर सुरक्षा नवप्रवर्तक शामिल होंगे, जिनमें अमेजन वेब सर्विसेज (AWS), गूगल क्लाउड, हुआवेई, EDGE, CPX Holding, CyberKnight और Spire Solutions प्रमुख हैं। इनके साथ सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय कंपनियां साइबर लचीलेपन, एआई-सक्षम रक्षा और सुरक्षित डिजिटल परिवर्तन में नवीनतम प्रगति प्रदर्शित करेंगी।
हुआवेई मध्य पूर्व एवं मध्य एशिया के मुख्य सुरक्षा अधिकारी कोरी डेंग ने कहा: “नई डिजिटल व्यवस्था साइबर सुरक्षा के अर्थ को मूल रूप से बदल रही है। जैसे-जैसे एआई, क्लाउड और डिजिटल प्रौद्योगिकियां महत्वपूर्ण परिचालनों में गहराई से समाहित हो रही हैं, सुरक्षा को केवल संरक्षण से आगे बढ़कर बुद्धिमत्ता और लचीलेपन की बुनियाद बनना होगा। GISEC GLOBAL इस भविष्य को आकार देने वाले अगुआओं को एक साथ लाने वाला महत्वपूर्ण मंच है, और हुआवेई को ‘एम्बेडेड इंटेलिजेंस, बिल्ट-इन रेजिलिएंस’ के अपने दृष्टिकोण तथा सुरक्षित, लचीले और बुद्धिमान बुनियादी ढांचे के निर्माण के अनुभव के जरिए इस संवाद में योगदान देने पर गर्व है।”
जैसे-जैसे साइबर खतरे अधिक परिष्कृत होते जा रहे हैं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता अवसरों तथा जोखिमों—दोनों को तेज कर रही है, अंतरराष्ट्रीय सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
GISEC Global एक ऐसा मंच उपलब्ध कराता है जहां सरकारें, उद्योग और शिक्षा जगत मिलकर ज्ञान का आदान-प्रदान करते हैं, साझेदारियां मजबूत करते हैं और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा, डिजिटल परिवर्तन की सुरक्षा तथा अधिक लचीली अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करते हैं।
यह आयोजन दुबई साइबर सुरक्षा रणनीति, दुबई आर्थिक एजेंडा D33, डिजिटल इकोनॉमी स्ट्रैटेजी और ‘वी द यूएई 2031’ के लक्ष्यों का भी समर्थन करता है, जिससे सुरक्षित डिजिटल परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय साइबर सहयोग के प्रति यूएई की प्रतिबद्धता और मजबूत होती है।
(स्रोत: WAM.ae)
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