दुबई पुलिस ने 11.8 मिलियन दिरहम से जुड़े फोन घोटाले के मामलों में दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एंटी-फ्रॉड सेंटर ने इन संदिग्धों को पकड़ा, जिन्होंने कथित तौर पर पीड़ितों से कहा था कि उनके नाम यूएई के बाहर की फाइलों और मामलों में सामने आए हैं।
इसके बाद उन्होंने कानूनी परिणामों की धमकी दी और पीड़ितों को अपने बैंक खातों से पैसे देश के बाहर के खातों में भेजने का निर्देश दिया। उनका दावा था कि धनराशि की जांच की जाएगी और उसकी वैधता की पुष्टि होने पर उसे लौटा दिया जाएगा।
जांच में पता चला कि जब पीड़ित पर्याप्त राशि नहीं भेजते थे, तो संदिग्ध अपने हथकंडे और तेज कर देते थे। कुछ मामलों में उन्होंने कथित तौर पर पीड़ितों से अपने सोने के गहने बेचकर उससे मिली रकम भेजने को कहा, यह दावा करते हुए कि पहले भेजी गई राशि तथाकथित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के लिए अपर्याप्त थी।
उन्होंने कुछ पीड़ितों से होटल के कमरे बुक करने और तब तक दूसरों से संपर्क तोड़ने को भी कहा, जब तक उन्हें यह पुष्टि न मिल जाए कि वे कथित मामलों में शामिल नहीं हैं।
इन कदमों का उद्देश्य पीड़ितों को अलग-थलग करना और ठगी जारी रहने तक उन पर नियंत्रण बनाए रखना था।
शिकायतें मिलने के बाद दुबई पुलिस ने आंकड़ों का विश्लेषण करने और धन के लेन-देन का पता लगाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की।
जांचकर्ताओं ने उन दो लोगों की पहचान की, जो कथित तौर पर पीड़ितों से संपर्क कर उन्हें फंसा रहे थे। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की।
(स्रोत: खलीज टाइम्स)
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