दुबई, 28 अगस्त 2026 (WAM) -- दुबई कस्टम्स ने अपने "मसार 33 – नाफिस" और "दुबई समर कैंप" कार्यक्रमों से 36 छात्रों के उत्तीर्ण होने का समारोह आयोजित किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को कैरियर के अवसरों से परिचित कराना और राष्ट्रीय प्रतिभाओं को श्रम बाज़ार की भावी आवश्यकताओं के लिए तैयार करना है। दुबई समर कैंप में 26 और मसार 33 – नाफिस में दस छात्रों ने भाग लिया, जिसमें पाँच सरकारी निकायों तथा सात निजी संस्थानों सहित कुल 12 सरकारी एवं निजी संस्थाएँ शामिल रहीं। समारोह में सरकारी और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों, रणनीतिक साझेदारों, छात्रों तथा उनके अभिभावकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने व्यावहारिक अनुभव, कैरियर मार्गदर्शन तथा विभिन्न व्यवसायों और विशेषज्ञताओं से परिचय प्राप्त किया, जिससे उन्हें अपनी रुचियाँ पहचानने और बढ़ते आर्थिक क्षेत्रों में आवश्यक कौशलों को समझने में मदद मिली। मसार 33 के तहत एक माह का प्रशिक्षण और कार्यस्थल का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान किया गया। यह पहल राष्ट्रीय प्रतिभाओं के लिए प्रारंभिक कैरियर मार्गदर्शन को मज़बूत कर तथा शिक्षा और कौशल विकास को आर्थिक आवश्यकताओं से जोड़कर मसार 33 – नाफिस के लक्ष्यों का समर्थन करती है, जो दुबई आर्थिक एजेंडा D33 के अनुरूप है। दुबई कस्टम्स के सीमा शुल्क निरीक्षण प्रभाग के कार्यकारी निदेशक मोहम्मद अल ग़फ़्फ़ारी ने कहा, "हम आज के इस समारोह को किसी प्रशिक्षण अनुभव के अंत के रूप में नहीं, बल्कि एक नई तरह की समझ की शुरुआत के रूप में देखते हैं।" उन्होंने कहा कि आरंभिक अनुभव छात्रों को अपनी क्षमताओं, रुचियों और उपलब्ध अवसरों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करता है, जिससे वे शैक्षिक और व्यावसायिक निर्णय अधिक सोच-समझकर ले पाते हैं। अल ग़फ़्फ़ारी ने ज़ोर देकर कहा कि भावी पीढ़ियों को तैयार करना सरकार, निजी क्षेत्र, समुदाय और परिवारों की साझा ज़िम्मेदारी है, तथा साझेदारियाँ छात्रों को कार्यस्थल का प्रत्यक्ष अनुभव देती हैं और उनकी शिक्षा को अर्थव्यवस्था की ज़रूरतों से जोड़ती हैं। दुबई कस्टम्स में मानव संसाधन निदेशक तथा दुबई लॉजिस्टिक्स अकादमी के कार्यवाहक निदेशक ख़मीस अल मुहैरी ने कहा कि 12 सरकारी और निजी संस्थाओं की भागीदारी श्रम बाज़ार की वास्तविकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में साझेदारियों के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य केवल छात्रों को विभिन्न नौकरियों से परिचित कराना नहीं है, बल्कि उन्हें यह समझने में मदद करना है कि पेशेवर जीवन किन कौशलों और ज़िम्मेदारियों की माँग करता है, और उन्हें वास्तविक कार्य परिवेशों में अपनी रुचियों तथा क्षमताओं को परखने का प्रारंभिक अवसर देना है।" दुबई कस्टम्स ने मानव संसाधन एवं अमीरातीकरण मंत्रालय, अमीराती मानव संसाधन विकास परिषद-दुबई, अमीराती प्रतिभा प्रतिस्पर्धात्मकता परिषद "नाफिस", फुरजान दुबई और हायर कॉलेजेस ऑफ़ टेक्नोलॉजी सहित भाग लेने वाले निजी क्षेत्र के संस्थानों की भागीदारी की सराहना की। संस्था ने छात्रों के शैक्षिक और व्यावसायिक विकल्पों में अभिभावकों की भूमिका को भी रेखांकित किया और राष्ट्रीय मानव पूँजी के विकास में संस्थानों, परिवारों, प्रशिक्षण प्रदाताओं तथा श्रम बाज़ार के बीच सहयोग के महत्व पर बल दिया।
(स्रोत: WAM.ae)
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