वाशिंगटन, 27 सितंबर, 2026 (WAM) -- विषैले कचरे के वैश्विक व्यापार की निगरानी करने वाले संगठन बेसल एक्शन नेटवर्क (BAN) ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का तेज विकास इलेक्ट्रॉनिक कचरे के संकट को गंभीर रूप से बढ़ा सकता है। अपनी तरह के पहले विश्लेषण में अनुमान लगाया गया है कि 2025 से 2050 के बीच एआई-संचालित 617 मिलियन टन तक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सेवा से बाहर हो सकते हैं।

BAN ने कहा कि उच्चतम अनुमान के अनुसार यह कचरा लगभग 2.3 करोड़ (23 मिलियन) 40-फुट शिपिंग कंटेनरों को भर देगा, जिन्हें एक के बाद एक रखने पर पृथ्वी के लगभग छह चक्कर लगाए जा सकते हैं।

अनुमानित कचरे में कंप्यूटर सर्वर, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU), नेटवर्किंग और कूलिंग उपकरण, बिजली और बैकअप प्रणालियां, साथ ही दूरसंचार अवसंरचना और व्यक्तिगत उपकरण शामिल हैं, जो एआई तकनीक के आगे बढ़ने के साथ और तेजी से अप्रचलित हो सकते हैं।

संगठन ने चेतावनी दी कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे में खतरनाक पदार्थ हो सकते हैं, जिनमें अत्यधिक स्थायी "फॉरएवर केमिकल्स" भी शामिल हैं। इससे इसका सुरक्षित निपटान और पुनर्चक्रण विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है और मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के लिए जोखिम पैदा होता है।

BAN के संस्थापक और रणनीतिक दिशा प्रमुख जिम पकेट ने कहा कि एआई से जुड़ी पर्यावरणीय बहस मुख्य रूप से इसकी बिजली, कार्बन और पानी की खपत पर केंद्रित रही है, जबकि इस तकनीक को सहारा देने वाली जटिल भौतिक अवसंरचना का अंततः क्या होता है, इसे नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि पर्याप्त योजना के बिना एआई की तेजी इलेक्ट्रॉनिक कचरे की सुनामी पैदा कर सकती है और दुनिया की मौजूदा विषैले कचरे की समस्या को काफी बदतर बना सकती है।

(स्रोत: WAM.ae)