दुबई, 20 सितंबर 2026 (WAM) – अमीरात सोसाइटी ऑफ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण पर पहला राष्ट्रीय मार्गदर्शन दस्तावेज़ तैयार कर रही है, जिसका उद्देश्य समय से पहले जन्मे शिशुओं और नवजातों की सुरक्षा में मदद करना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना है।
सोसाइटी की अध्यक्ष और इसके वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्ष शेखा डॉ. आलिया हुमैद अल क़ासिमी ने दुबई में अमीरात मेडिकल एसोसिएशन (EMA) के तत्वावधान में आयोजित सोसाइटी के पहले वार्षिक सम्मेलन के समापन के अवसर पर इस पहल की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सोसाइटी ने 2024 के अंत से एक ऐसी रणनीति अपनाई है जो स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को मज़बूत करने, स्वास्थ्य पेशेवरों के व्यावसायिक विकास में सहयोग देने तथा महिलाओं के स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने और जीवन के विभिन्न चरणों में देखभाल में सुधार के लिए विशेष शोध को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
अल क़ासिमी ने बताया कि सोसाइटी ने इन क्षेत्रों में नैदानिक पद्धतियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दो विशेष कार्य समूह भी गठित किए हैं: रजोनिवृत्ति से पहले और बाद में महिला स्वास्थ्य समूह, तथा कार्यात्मक, पुनर्योजी और सौंदर्य स्त्री रोग समूह।
सहायक प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग सलाहकार और सोसाइटी की सांस्कृतिक समिति की अध्यक्ष लैला अल हुबैशी ने कहा कि पेल्विक फ्लोर विकार और मूत्र असंयम आम समस्याएँ हैं, जो महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता और उनके शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को काफ़ी प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक आँकड़ों के अनुसार 25 से 45 प्रतिशत महिलाएँ विभिन्न स्तरों के मूत्र असंयम से पीड़ित हैं और उम्र के साथ इसका प्रसार बढ़ता है।
अल हुबैशी ने आगे कहा कि महिला पेल्विक चिकित्सा और पुनर्निर्माण सर्जरी में हुई प्रगति ने उपचार और पुनर्वास के नए विकल्प उपलब्ध कराए हैं, जिनमें गैर-सर्जिकल उपचार, पेल्विक फ्लोर मांसपेशी पुनर्वास कार्यक्रम और विशेष हस्तक्षेप शामिल हैं।
दो दिवसीय सम्मेलन में महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में नवीनतम विकास पर वैज्ञानिक सत्र और विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। सम्मेलन के दौरान पेल्विक फ्लोर और कॉस्मेटिक स्त्री रोग में विशेषज्ञता रखने वाले एक तुर्की संघ के साथ समझौता ज्ञापन तथा रोमानियाई और इथियोपियाई प्रसूति एवं स्त्री रोग सोसाइटियों के साथ दो आशय पत्रों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य वैज्ञानिक और अकादमिक सहयोग को मज़बूत करना, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करना और संयुक्त शोध को समर्थन देना है।
सम्मेलन का दूसरा संस्करण 1 से 3 अक्टूबर 2027 तक आयोजित किया जाएगा।
(स्रोत: WAM.ae)
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