दुबई, 3 सितंबर 2026 (वाम) -- दुबई संस्कृति एवं कला प्राधिकरण (दुबई कल्चर) ने संयुक्त अरब अमीरात के सबसे बड़े विरासत संग्रहालय अल शिंदघा संग्रहालय तथा इत्तिहाद संग्रहालय में ‘हिडेन डिसेबिलिटीज़ सनफ्लावर' कार्यक्रम शुरू करते हुए अपने सांस्कृतिक एवं विरासत स्थलों पर सुगम्यता और समावेशिता को और मज़बूत किया है। इस कार्यक्रम को अपनाकर दुबई कल्चर अमीरात का पहला सांस्कृतिक संस्थान बन गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इस पहल को लागू किया है। यह कदम दुबई जीवन गुणवत्ता रणनीति के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की उसकी प्रतिबद्धता तथा ‘मेरा समुदाय... सबके लिए एक जगह' पहल के प्रति उसके समर्थन को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य दृढ़निश्चयी व्यक्तियों (पीपल ऑफ डिटरमिनेशन) के लिए एक स्वागतशील और समावेशी शहर के रूप में दुबई की स्थिति को सुदृढ़ करना है। ‘हिडेन डिसेबिलिटीज़ सनफ्लावर' एक अग्रणी वैश्विक पहल है, जो ऑटिज़्म, दीर्घकालिक दर्द, चिंता विकार और स्मृति संबंधी समस्याओं सहित अदृश्य दिव्यांगताओं तथा स्थितियों के साथ जी रहे लोगों को सहयोग देती है; यह लोगों को अपनी निजता बनाए रखते हुए सहजता से यह संकेत देने में सक्षम बनाती है कि उन्हें अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता हो सकती है। इस कार्यक्रम को अपनाना अल शिंदघा संग्रहालय और इत्तिहाद संग्रहालय में अधिक समावेशी एवं स्वागतशील सांस्कृतिक वातावरण बनाने के दुबई कल्चर के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिससे अदृश्य दिव्यांगता वाले आगंतुक प्रदर्शनियों, कार्यक्रमों और रचनात्मक अनुभवों से आत्मविश्वास के साथ जुड़ सकें, और साथ ही सभी आगंतुक अपनी विविध आवश्यकताओं के अनुरूप सांस्कृतिक अनुभवों का आनंद ले सकें। सहज और सहयोगपूर्ण अनुभव सुनिश्चित करने के लिए दुबई कल्चर ने दोनों संग्रहालयों की आगंतुक सेवा टीमों को कार्यक्रम के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया है और कर्मचारियों को अदृश्य दिव्यांगता वाले आगंतुकों की आवश्यकताओं को पहचानने तथा उन पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस किया है। अपनी यात्रा के दौरान अतिरिक्त सहायता चाहने वाले आगंतुक दोनों संग्रहालयों के आगंतुक केंद्र, सूचना डेस्क और टिकट काउंटरों से पिन प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल पर टिप्पणी करते हुए दुबई कल्चर के बिक्री विभाग में प्रोत्साहन अनुभाग की प्रबंधक डॉ. हना मोहम्मद अयूब ने कहा, “हिडेन डिसेबिलिटीज़ सनफ्लावर कार्यक्रम को अपनाने वाला दुबई का पहला सांस्कृतिक संस्थान होने के नाते, हम अमीरात के सांस्कृतिक तंत्र के विकास को आगे बढ़ाते हुए अपने स्थलों पर रचनात्मक अनुभवों की गुणवत्ता को भी बेहतर बना रहे हैं। यह उपलब्धि ऐसे स्वागतशील और समावेशी सांस्कृतिक वातावरण बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो समाज के हर सदस्य को सांस्कृतिक अनुभवों तक पहुँचने और उनसे जुड़ने के समान अवसर प्रदान करें।” डॉ. हना ने आगे कहा, “यह उपलब्धि हमारे विरासत स्थलों पर सुगम्यता और समावेशिता को बढ़ावा देने के हमारे निरंतर प्रयासों पर आधारित है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अल शिंदघा संग्रहालय और इत्तिहाद संग्रहालय इन मूल्यों का समर्थन करने वाली अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने में अग्रणी उदाहरण बनें, जिससे जीवंत शैक्षिक एवं रचनात्मक गंतव्यों तथा ऐसे संवादात्मक सामुदायिक स्थलों के रूप में उनकी भूमिका और मज़बूत हो, जो सभी का स्वागत करते हैं और उनकी सांस्कृतिक एवं शैक्षिक यात्रा को समृद्ध बनाते हैं। इस तरह की पहलें संस्कृति की उस भूमिका को और सुदृढ़ करती हैं, जो समुदायों को जोड़ने वाले सेतु की है।”
(स्रोत: WAM.ae)
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