अबू धाबी, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- FilmGate द्वारा निर्मित और ज़ायद अथॉरिटी फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन के सहयोग से तैयार अमीराती वृत्तचित्र LUMINOUS – Noor का लोकार्पण अबू धाबी में अधिकारियों, फिल्म एवं धारावाहिक उद्योग की हस्तियों तथा अमीराती और अरब मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ। यह वृत्तचित्र दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी भागीदारी को मजबूत करने वाला सहायक वातावरण बनाने के यूएई के अनुभव को सामने रखता है, और यह मानवीय संदेश देता है कि भिन्नता शक्ति तथा रचनात्मकता का स्रोत बन सकती है और उपयुक्त अवसर महत्वाकांक्षा को उपलब्धि में बदल सकते हैं। अथॉरिटी का सहयोग प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों को रचनात्मक क्षेत्रों में भागीदारी का अवसर देने और उन्हें ऐसे मंच उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दर्शाता है, जहां वे अपने कौशल को व्यक्त कर सकें और अपनी प्रतिभा समाज के साथ साझा कर सकें। ज़ायद अथॉरिटी फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन कला को सशक्तीकरण और समावेशन के माध्यम के रूप में उपयोग करने, प्रेरक सफलता की कहानियों को सामने लाने तथा कौशल विकसित करने वाले पुनर्वास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध कराने पर भी काम करती है, जिससे मानव संसाधन में निवेश राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में मजबूत होता है। पूरी तरह अबू धाबी में फिल्माया और निर्मित यह वृत्तचित्र तीन अमीराती दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत और पेशेवर यात्रा को दर्शाता है तथा बताता है कि उन्होंने किन चुनौतियों का सामना किया और अपने जुनून को सफलता के मार्ग में कैसे बदला। LUMINOUS – Noor दृढ़ संकल्प, रचनात्मकता और चुनौतियों पर विजय पर केंद्रित है और रचनात्मक व कलात्मक क्षेत्रों में अवसरों के विस्तार के महत्व को रेखांकित करता है। फिल्म में शारीरिक दिव्यांगता के साथ जीवन जी रहीं नौरा अल ब्लूशी की कहानी है, जो Abu Dhabi Media में वरिष्ठ सोशल मीडिया संपादक हैं; इसमें उनकी पेशेवर यात्रा और परंपरागत धारणाओं से आगे बढ़कर आत्मविश्वास के साथ करियर गढ़ने के प्रयास दिखाए गए हैं। इसमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से जुड़े पियानोवादक अहमद अल हाशमी की कहानी भी है, जिसमें संगीत से उनके रिश्ते और उनके जुनून के शक्ति व प्रेरणा का स्रोत बनने की यात्रा को दिखाया गया है। वृत्तचित्र दृष्टिबाधित मीडियाकर्मी और फिल्मकार अल दाना अल हाशमी की कहानी भी प्रस्तुत करता है और दिखाता है कि उन्होंने कैमरे को अपनी दृष्टि व्यक्त करने और सार्थक प्रभाव पैदा करने के माध्यम के रूप में कैसे इस्तेमाल किया। अमीराती फिल्मकार मंसूर अल याबहूनी अल धाहेरी ने इस वृत्तचित्र का निर्माण और छायांकन किया, जो रचनात्मक तथा फिल्म उद्योग में प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर बनाने की FilmGate की सोच को दर्शाता है। अमीरात समाचार एजेंसी (WAM) से बातचीत में अल धाहेरी ने कहा कि यह फिल्म केवल व्यक्तिगत कहानियां प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ऐसे व्यावहारिक अनुभवों के जरिए दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण के महत्व पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है, जिनसे वे अपनी क्षमताएं व्यक्त कर सकें और कौशल को और निखार सकें। उन्होंने कहा कि यह निर्माण इस विश्वास से प्रेरित था कि हर व्यक्ति के पास कहने योग्य कहानी होती है और दिव्यांगजनों की महत्वाकांक्षाएं भी सामने आनी चाहिए। अल धाहेरी ने कहा कि उद्देश्य केवल चुनौतियों पर ध्यान देने के बजाय पात्रों को उनकी क्षमताओं और जुनून के माध्यम से प्रस्तुत करना था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म प्रतिभाशाली दिव्यांगजनों के लिए नए अवसर खोलेगी तथा संस्थानों और फिल्मकारों को उनकी क्षमता में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगी। WAM से बातचीत में फिल्म के पात्रों ने उनके सशक्तीकरण और विकास के अवसर उपलब्ध कराने में सरकारी तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं के सहयोग की सराहना की। उन्होंने समाज से मिलने वाले प्रोत्साहन की भी प्रशंसा की और कहा कि यह सहयोग उन्हें अपनी महत्वाकांक्षाओं की ओर बढ़ते रहने और अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त करने के लिए प्रेरित करता है।
(स्रोत: WAM.ae)
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