अबू धाबी, 8 नवंबर 2026 (WAM) – संयुक्त अरब अमीरात के गृह मंत्रालय ने खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी एजेंसी के सहयोग से राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी प्लेटफ़ॉर्म (NPAD) शुरू किया है। यह कदम नवाचार और डिजिटल परिवर्तन के यूएई के दृष्टिकोण तथा खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी ढांचा स्थापित करने के उसके प्रयासों के अनुरूप है।
NPAD चिकित्सीय उपयोग छूट (TUE) के प्रबंधन के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्रणाली प्रदान करता है। यह छूट खिलाड़ियों को खेल में प्रतिबंधित पदार्थों या दवाओं के उपयोग की अनुमति देती है। प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से आवेदन इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा, समीक्षा, स्वीकृत और ट्रैक किए जा सकते हैं। यह स्वचालित सूचनाएँ भेजता है और संबंधित सरकारी प्राधिकरणों के माध्यम से डेटा तथा पेशेवर लाइसेंसों का सत्यापन करता है। साथ ही यह खिलाड़ियों और स्वास्थ्य पेशेवरों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करता है, जो डेटा विश्लेषण, सूचित निर्णय, डोपिंग से जुड़े जोखिमों की तैयारी, परिचालन दक्षता और खेल प्रतियोगिताओं की शुचिता में सहायक है।
आधिकारिक शुरुआत लगभग एक वर्ष के परिचालन उपयोग के बाद हुई है, जिसके दौरान विभिन्न साझेदारों के समन्वय से प्लेटफ़ॉर्म का परीक्षण किया गया और इसकी प्रक्रियाओं को परिष्कृत किया गया। इस अवधि में प्रमुख डोपिंग-रोधी प्रक्रियाओं को स्वचालित किया गया, TUE आवेदनों का निपटान सरल बनाया गया और संबंधित संस्थाओं के बीच डेटा के आदान-प्रदान में सुधार हुआ।
गृह मंत्रालय में सुरक्षा मामलों के सहायक अवर सचिव सईद बिन तुवैर अल सुवैदी ने कहा कि यह प्लेटफ़ॉर्म सरकारी, सुरक्षा, खेल और स्वास्थ्य संस्थाओं के बीच समन्वय मज़बूत करने में प्रौद्योगिकी की भूमिका को रेखांकित करता है। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं और डेटा आदान-प्रदान में सुधार करना, खिलाड़ियों की रक्षा करना और यूएई में खेल प्रतियोगिताओं की शुचिता बनाए रखना है।
राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी एजेंसी की अध्यक्ष डॉ. मई अहमद सुल्तान अल जाबेर ने कहा कि यह शुरुआत राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी कार्यक्रम की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि प्लेटफ़ॉर्म TUE आवेदनों के प्रबंधन के लिए एक एकीकृत डिजिटल माध्यम प्रदान करता है, जिससे खिलाड़ी और चिकित्सा कर्मी आवश्यक प्रक्रियाएँ अधिक कुशलता और स्पष्टता से पूरी कर सकते हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आवेदन की तैयारी और चिकित्सा रिपोर्ट संलग्न करने से लेकर जमा करने, समीक्षा, स्थिति की ट्रैकिंग और निर्धारित नियमों के अनुसार निपटान तक पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक रूप से संचालित होती है। इससे काग़ज़ी फ़ॉर्म और मैन्युअल डेटा प्रविष्टि पर निर्भरता घटती है, प्रक्रियागत त्रुटियाँ सीमित होती हैं और प्रस्तुत जानकारी की सटीकता बढ़ती है।
डॉ. अल जाबेर ने कहा कि प्लेटफ़ॉर्म खेल में प्रतिबंधित पदार्थों की जानकारी उपलब्ध कराकर और अनुमत वैकल्पिक उपचारों की जाँच की सुविधा देकर चिकित्सा पेशेवरों को निर्णय लेने में मदद करता है। इससे प्रतिबंधित पदार्थों के अनजाने उपयोग को रोकने में सहायता मिलती है और खिलाड़ियों को आवश्यक चिकित्सा देखभाल व उपचार की उपलब्धता भी सुनिश्चित रहती है।
उन्होंने खिलाड़ियों, स्वास्थ्य पेशेवरों और TUE आवेदनों के केंद्रीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस का भी उल्लेख किया, जो डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग को आसान बनाता है, आवेदनों की तेज़ और सटीक ट्रैकिंग संभव करता है तथा प्रक्रियाओं की दक्षता बढ़ाता है। संबंधित सरकारी प्राधिकरणों के समन्वय से डेटा और पेशेवर लाइसेंसों का सत्यापन यह सुनिश्चित करता है कि खेल संगठनों के साथ काम करने वाले चिकित्सा कर्मी आवश्यक लाइसेंस शर्तें पूरी करें और खिलाड़ी अयोग्य व्यक्तियों से उपचार न लें।
डॉ. अल जाबेर ने बताया कि प्लेटफ़ॉर्म के पहले वर्ष ने प्रमुख हितधारकों के सहयोग से प्रक्रियाओं के परीक्षण और सुधार का अवसर दिया, जिससे प्रक्रियाएँ स्वचालित हुईं, चिकित्सा छूट आवेदन सरल हुए और सूचना का आदान-प्रदान बेहतर हुआ। इस अनुभव को चिकित्सा कर्मियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली, दक्षता बढ़ी और हाथ से भरे गए फ़ॉर्मों से जुड़ी त्रुटियाँ कम हुईं।
उन्होंने ज़ोर दिया कि यह प्लेटफ़ॉर्म केवल ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक निवारक और नियामक साधन भी है, जो अंतरराष्ट्रीय डोपिंग-रोधी मानकों का समर्थन करता है, खिलाड़ियों, चिकित्सकों और संबंधित प्राधिकरणों के बीच समन्वय सुधारता है तथा दवाओं या चिकित्सा उत्पादों के उपयोग से पहले खुलासे और सत्यापन को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने खेल महासंघों, क्लबों, संगठनों और चिकित्सा पेशेवरों से प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने और प्रणाली से जुड़ने का आह्वान किया, ताकि डिजिटल सेवाओं का विस्तार हो, प्रतिबंधित पदार्थों के जोखिमों के प्रति जागरूकता बढ़े और स्वच्छ खेल के प्रति प्रतिबद्धता मज़बूत हो।
खेल मंत्रालय में खेल विनियमन क्षेत्र की सहायक अवर सचिव लमिया अल सबूसी ने कहा कि यह शुरुआत चिकित्सा छूट प्रक्रियाओं के मानकीकरण और आवेदन ट्रैकिंग को सरल बनाने वाली डिजिटल सेवाओं के ज़रिए खेल की शुचिता मज़बूत करने के प्रयासों का समर्थन करती है। ये सेवाएँ खिलाड़ियों, चिकित्सा कर्मियों और खेल संगठनों के लिए नियामक आवश्यकताओं को भी स्पष्ट करती हैं।
मंत्रालय ने कहा कि डिजिटल प्रणाली प्रक्रियागत दक्षता और डेटा सटीकता में सुधार करती है तथा प्राधिकरणों के बीच सूचना के आदान-प्रदान को तेज़ करती है, जिससे खेल संगठन नियमों का पालन कर सकें और खिलाड़ियों के स्वास्थ्य व प्रतियोगिताओं की शुचिता की रक्षा करने वाला सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकें। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी एजेंसी और संबंधित सरकारी व स्वास्थ्य प्राधिकरणों के सहयोग से खेल क्षेत्र के विकास और संस्थागत तत्परता को मज़बूत करने वाली नीतियों व पहलों का समर्थन करता है। उसने ज़ोर दिया कि खिलाड़ियों में डोपिंग के ख़तरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और क्लबों व महासंघों में जवाबदेही को बढ़ावा देना स्वच्छ खेल को आगे बढ़ाने के लिए अनिवार्य है।
राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी प्लेटफ़ॉर्म की सेवाएँ npad.ae पर उपलब्ध हैं और कॉल सेंटर से 600566635 पर संपर्क किया जा सकता है।
(स्रोत: WAM.ae)
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