दुबई, 11 सितंबर 2026 (WAM) -- दुबई पुलिस ने एक महत्वाकांक्षी सौर ऊर्जा परियोजना का पहला चरण पूरा कर लिया है, जिसके तहत 28 पुलिस परिसरों को परिवर्तित किया गया है और इससे अनुमानित रूप से प्रतिवर्ष 26,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह कमी दुबई पुलिस की इमारतों से होने वाले कुल कार्बन उत्सर्जन के 20 प्रतिशत के बराबर है और स्वच्छ ऊर्जा, अधिक हरित इमारतों तथा संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग की दिशा में संस्था के दीर्घकालिक बदलाव में एक महत्वपूर्ण कदम है। लॉजिस्टिक्स सपोर्ट महानिदेशालय के नेतृत्व में चल रही यह परियोजना मूल रूप से 2023 में COP28 के दौरान शुरू की गई थी और यह 25 वर्षीय रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत दुबई पुलिस की इमारतों और सुविधाओं में चरणबद्ध रूप से सौर ऊर्जा समाधान लागू किए जाएंगे। पहले चरण में 28 स्थान शामिल रहे, जिनमें पुलिस थाने, महानिदेशालय तथा अन्य पुलिस इमारतें और सुविधाएं शामिल हैं। हर स्थान पर एक ही समाधान लागू करने के बजाय, परियोजना में प्रत्येक इमारत की आयु, डिज़ाइन और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि पुलिस कार्यों या सेवाओं को प्रभावित किए बिना संवहनीय तकनीकें अपनाई जा सकें। लॉजिस्टिक्स सपोर्ट महानिदेशालय के पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग में ऊर्जा दक्षता परियोजना पोर्टफोलियो की निदेशक इंजीनियर मरियम राशिद बोनफोर ने कहा कि यह पहल केवल सौर ऊर्जा प्रणालियां स्थापित करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पुलिस इमारतों और सुविधाओं की दक्षता बढ़ाना, संसाधनों की खपत को अनुकूलित करना, कार्बन उत्सर्जन कम करना और पर्यावरण-अनुकूल हरित इमारतों की दिशा में बदलाव को गति देना है। बोनफोर के अनुसार, पहले चरण में 28 स्थानों को इस प्रकार तैयार किया गया है कि वे प्रतिवर्ष 26,000 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में योगदान दें। यह दुबई पुलिस की इमारतों से जुड़े कुल कार्बन उत्सर्जन के लगभग 20 प्रतिशत के बराबर है। यह उपलब्धि स्वच्छ ऊर्जा, कार्बन में कमी और इमारतों के हरित रूपांतरण से संबंधित व्यापक राष्ट्रीय एवं दुबई की रणनीतियों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के संवहनीय विकास लक्ष्यों का भी समर्थन करती है। यह सौर परियोजना एक बार की पहल के रूप में नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रूपांतरण के रूप में तैयार की गई है। बोनफोर ने कहा, “यह परियोजना 25 वर्षों तक चलेगी और इसे सावधानीपूर्वक नियोजित चरणों के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जिनमें पुलिस इमारतों की प्रकृति, आयु, डिज़ाइन और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखा गया है।” इसमें मौजूदा सुविधाएं और दुबई पुलिस की परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित की जाने वाली नई इमारतें, दोनों शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस दृष्टिकोण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संवहनीय समाधान दीर्घकाल में कुशल और व्यवहार्य बने रहें और पुलिस सेवाओं तथा कार्यों की दक्षता से कोई समझौता न हो। दुबई पुलिस अब 2026 की अंतिम तिमाही में दूसरा चरण शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत सौर ऊर्जा समाधानों को चरणबद्ध रूप से अतिरिक्त इमारतों और सुविधाओं तक विस्तारित किया जाएगा। यह परियोजना दुबई स्वच्छ ऊर्जा रणनीति 2050 और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दुबई की रणनीति का समर्थन करती है, जिसका लक्ष्य 2030 के अंत तक कार्बन उत्सर्जन में कमी को दोगुना करके 50 प्रतिशत तक पहुंचाना है। यह दुबई पुलिस की संवहनीयता और संसाधनों के उत्तरदायी प्रबंधन के प्रति व्यापक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करती है। इससे पहले दुबई पुलिस संयुक्त राष्ट्र ग्लोबल कॉम्पैक्ट में औपचारिक रूप से शामिल होने वाली दुनिया की पहली पुलिस संस्था बनी थी और उसने मानवाधिकार, सम्मानजनक श्रम मानकों, भ्रष्टाचार-रोधी उपायों तथा पर्यावरणीय उत्तरदायित्व से जुड़े दस सिद्धांतों को अपनाया था।
(स्रोत: WAM.ae)
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