शारजाह, 21 सितंबर 2026 (वाम) – नौवां शारजाह निवेश मंच (SIF 2026) 14 और 15 अक्टूबर को अल जवाहर रिसेप्शन एंड कन्वेंशन सेंटर में ‘अनुकूलनशील अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण’ विषय के तहत आयोजित होगा। इसका एजेंडा चार प्रमुख रणनीतिक स्तंभों पर केंद्रित है: नियामक प्रतिस्पर्धात्मकता और आर्थिक अनुकूलनशीलता; एआई, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक परिवर्तन; स्मार्ट पूंजी प्रवाह और आपूर्ति श्रृंखला की सुदृढ़ता; तथा भविष्य का जीवन और आर्थिक विकास।

शारजाह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कार्यालय (इन्वेस्ट इन शारजाह) द्वारा निवेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस वर्ष का मंच नीति-निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, अग्रणी वैश्विक और क्षेत्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, व्यापार और वित्त जगत के नेताओं तथा निवेशकों को एक साथ लाएगा।

मंच का एजेंडा तीव्र भू-राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलावों का जवाब देता है – निवेश नीतियों और पूंजी प्रवाह के पुनर्गठन से लेकर उन्नत प्रौद्योगिकियों के उदय और मूल्य व आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव तक, साथ ही उन परिवर्तनों तक जो शहरों, उत्पादक क्षेत्रों और उपभोक्ता व्यवहार के भविष्य को नया आकार दे रहे हैं।

एजेंडे पर टिप्पणी करते हुए इन्वेस्ट इन शारजाह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद जुमा अल मुशर्रख ने कहा, “वैश्विक बाजारों में बदलाव की गति सरकारों और व्यवसायों को लगातार इस पर पुनर्विचार करने की चुनौती दे रही है कि वे कैसे प्रतिस्पर्धा करें, निवेश करें और विकास करें। इस वर्ष का एजेंडा सीधे इसी वास्तविकता का जवाब देता है और उन नीतिगत, तकनीकी और निवेश संबंधी प्रश्नों को एक साथ लाता है जो यह तय करेंगे कि पूंजी कहां जाएगी, उद्योग कैसे विकसित होंगे और अर्थव्यवस्थाएं अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता कैसे मजबूत करेंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “अनुकूलनशील अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण के लिए यह अनुमान लगाने की क्षमता आवश्यक है कि अवसर कहां उभर रहे हैं, और ऐसी परिस्थितियां बनाना आवश्यक है जिनमें व्यवसाय और निवेश उन पर प्रतिक्रिया दे सकें। SIF 2026 के माध्यम से हम सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के नेताओं को एक साथ ला रहे हैं ताकि इस पर विचार किया जा सके कि तीव्र बदलाव के दौर में नीति, पूंजी और नवाचार आर्थिक विकास का समर्थन कैसे कर सकते हैं।”

मंच का पहला स्तंभ, ‘नियामक प्रतिस्पर्धात्मकता और आर्थिक अनुकूलनशीलता’, इस बात की पड़ताल करेगा कि बाजारों, प्रौद्योगिकी और निवेश के तौर-तरीकों में बदलाव के साथ नीतियां, व्यावसायिक परिस्थितियां और कॉर्पोरेट नेतृत्व कैसे अनुकूलित हो सकते हैं। ‘निरंतर व्यवधान के युग में फलना-फूलना’ सत्र में यह चर्चा होगी कि उद्यमशील सोच, चपलता और प्रयोगधर्मिता व्यवसायों को तकनीकी, आर्थिक और बाजार संबंधी बदलावों का सामना करने में कैसे मदद कर सकती है। ‘सीईओ प्लेबुक: निरंतर बदलाव के बीच नेतृत्व’ सत्र अस्थिरता से निपटने, संरचनात्मक बदलावों के आकलन और पूंजी आवंटन पर केंद्रित होगा।

‘जहां नीति गति से मिलती है: समय से आगे के ढांचे’ सत्र का केंद्र सरकारी नीति होगी। इसमें चर्चा की जाएगी कि समन्वित नीति बदलते पूंजी और व्यापार प्रवाह का जवाब कैसे दे सकती है, उभरते उद्योगों का समर्थन कैसे कर सकती है और निवेशकों को स्थिरता व पूर्वानुमेयता कैसे प्रदान कर सकती है।

अंकटाड (UNCTAD) की विश्व निवेश रिपोर्ट 2026 के अनुसार, सरकारों ने 2025 में दुनिया भर में 229 नए निवेश नीति उपाय अपनाए, जिनमें विकास, सुदृढ़ता, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा पर बढ़ता ध्यान दिया गया।

‘कारोबार में सुगमता से आगे: ऐसी अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण जहां व्यवसाय बढ़ें’ सत्र निवेशकों को बनाए रखने और उनके विस्तार पर केंद्रित होगा, जिसमें सरकारी सेवाएं, डेटा, डिजिटल परिवर्तन और शारजाह के व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र में समन्वय शामिल हैं।

दूसरा स्तंभ, ‘एआई, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक परिवर्तन’, यह पड़ताल करेगा कि एआई, स्वचालन और उभरती प्रौद्योगिकियां उद्योग, निवेश तथा व्यवसायों के संचालन और विस्तार के तरीकों को कैसे बदल रही हैं।

‘एजेंटिक एआई से अनुकूलनशील अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाना’ सत्र में इस पर विचार किया जाएगा कि एजेंटिक एआई सरकारी और निवेशक सेवाओं तथा जटिल प्रक्रियाओं को कैसे बदल सकता है, साथ ही बड़े पैमाने पर इसकी जिम्मेदार तैनाती की आवश्यकताओं पर भी चर्चा होगी। वहीं ‘अगली औद्योगिक सीमा: नवाचार, प्रौद्योगिकी और विकास’ सत्र अगले औद्योगिक युग को गति देने वाले नवाचारों और संचालन में उनके व्यावहारिक उपयोग के साथ-साथ इस परिवर्तन के लिए आवश्यक कार्यबल और कौशल पर प्रकाश डालेगा।

अंकटाड की विश्व निवेश रिपोर्ट 2026 के अनुसार, 2025 में दुनिया भर में ग्रीनफील्ड प्रत्यक्ष विदेशी निवेश परियोजनाओं के मूल्य में एआई अवसंरचना, उन्नत प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत रही, जो 2020 में 16 प्रतिशत थी।

‘भविष्य अभी है: आने वाले कल में निवेश’ सत्र तीव्र तकनीकी बदलाव की पड़ताल करेगा, जिसमें काम, उद्यमिता और मूल्य सृजन के नए मॉडल शामिल हैं। वहीं ‘विज़न से जीवंतता तक: स्वास्थ्य सेवा में सफलताओं की ओर शारजाह का तेज़ मार्ग’ सत्र यह दर्शाएगा कि विज्ञान, अनुसंधान और व्यावहारिक नवाचार किस प्रकार प्रभाव पैदा कर सकते हैं।

‘स्मार्ट पूंजी प्रवाह और आपूर्ति श्रृंखला की सुदृढ़ता’ स्तंभ इस बात की पड़ताल करेगा कि पूंजी प्रवाह में बदलाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव निवेश, व्यापार और आर्थिक सुदृढ़ता को कैसे नया रूप दे रहे हैं।

‘सीमाओं से परे पूंजी: स्मार्ट मनी आगे कहां जा रहा है’ सत्र में निवेशकों की बदलती रुचि, उच्च-विकास वित्तपोषण, सीमा-पार विस्तार और उभरते परिसंपत्ति वर्गों पर चर्चा होगी। वहीं ‘दबाव में आपूर्ति श्रृंखलाएं: वैश्विक झटकों के विरुद्ध सुदृढ़ता को मजबूत करना’ सत्र इस पर प्रकाश डालेगा कि भू-राजनीतिक और व्यापारिक व्यवधान किस प्रकार कनेक्टिविटी, अवसंरचना और अधिक विविधीकृत आपूर्ति नेटवर्क में निवेश को बढ़ावा दे रहे हैं।

अंकटाड के आंकड़े बताते हैं कि 2025 में वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रवाह 6 प्रतिशत बढ़कर 1.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया, जिसका 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा 20 सबसे बड़ी प्राप्तकर्ता अर्थव्यवस्थाओं में केंद्रित रहा। ये आंकड़े मंच की इस चर्चा को संदर्भ प्रदान करते हैं कि पूंजी की दिशा किन कारकों से तय होती है और कौन से बाजार उसे आकर्षित करने की सबसे अच्छी स्थिति में हैं।

चौथा स्तंभ, ‘भविष्य का जीवन और आर्थिक विकास’, इस बात की पड़ताल करेगा कि विकास, पर्यावरणीय दबाव और बदलता उपभोक्ता व्यवहार निवेश और भविष्य की मांग को कैसे आकार दे रहे हैं।

‘विकास में भागीदार: कल के व्यापार को आकार देने वाले समझौते’ सत्र में यूएई के व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) भागीदार देशों के राजदूत एक साथ आएंगे और इस पर चर्चा करेंगे कि ये समझौते किस प्रकार नए बाजार खोल रहे हैं, व्यापार को मजबूत कर रहे हैं और निवेश व विकास के अवसर पैदा कर रहे हैं।

‘इमारतों से गंतव्यों तक: आर्थिक विकास को गति देना’ सत्र इस पर केंद्रित होगा कि अवसंरचना, सतत समुदाय, पर्यटन और वाणिज्यिक गतिविधियां शारजाह में निवासियों, व्यवसायों, आगंतुकों और निवेश को कैसे आकर्षित कर सकती हैं।

जलवायु परिवर्तन और जल की कमी सहित खाद्य सुरक्षा को स्वच्छ ऊर्जा, संसाधन दक्षता और कृषि प्रौद्योगिकी के साथ ‘सतत भविष्य का विकास: जहां कृषि स्थिरता से मिलती है’ सत्र में शामिल किया जाएगा। ‘2035 का उपभोक्ता’ सत्र इस पर विचार करेगा कि एआई, जनसांख्यिकीय बदलाव और डिजिटल जीवनशैली उपभोक्ता व्यवहार को कैसे नया रूप दे रहे हैं और व्यवसाय बदलती मांग व अपेक्षाओं का अनुमान कैसे लगा सकते हैं।

2025 में विश्व निवेश सम्मेलन के साथ आयोजित पिछले संस्करण में 142 देशों के 12,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया था और इसमें 130 से अधिक मंत्री और अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल हुए थे।

(स्रोत: WAM.ae)