आबू धाबी, 3 सितंबर 2026 (WAM) -- अबू धाबी शिक्षा एवं ज्ञान विभाग (ADEK) और अबू धाबी विरासत प्राधिकरण ने शिक्षा तथा अमीराती विरासत के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने और छात्रों के बीच अमीराती मूल्यों को सुदृढ़ करने वाली पहलों को समर्थन देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते पर ADEK के अवर सचिव मुबारक हमद अल मुहैरी और अबू धाबी विरासत प्राधिकरण के कार्यवाहक महानिदेशक ओबैद खलफान अल मजरूई ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर ADEK के अध्यक्ष मोहम्मद ताज एद्दीन अहमद अलकादी और अबू धाबी विरासत प्राधिकरण के अध्यक्ष अब्दुल्ला मुबारक अल मुहैरी उपस्थित रहे।
अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय शिकार एवं अश्वारोहण प्रदर्शनी (ADIHEX) 2026 के दौरान हस्ताक्षरित यह समझौता शैक्षिक परिवेश में अमीराती विरासत से जुड़ी पहलों और कार्यक्रमों के विकास के लिए एक रूपरेखा तैयार करता है।
सहयोग के क्षेत्रों में शैक्षिक कर्मियों का प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, छात्र प्रतिभाओं का पोषण, ज्ञान का हस्तांतरण, जागरूकता बढ़ाना तथा विरासत और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन शामिल है।
यह साझेदारी ADEK की उन प्राथमिकताओं के अनुरूप है जिनका उद्देश्य छात्रों में राष्ट्रीय पहचान और अमीराती मूल्यों को मजबूत करना, उनके शैक्षिक अनुभवों को समृद्ध बनाना और अमीराती विरासत तथा संस्कृति से उनके जुड़ाव को गहरा करना है।
मुबारक हमद अल मुहैरी ने कहा, "हमारी राष्ट्रीय पहचान और अमीराती मूल्य हर छात्र की शैक्षिक यात्रा में मजबूती से रचे-बसे रहने चाहिए और कक्षा के भीतर तथा बाहर उनके अनुभवों में सार्थक रूप से प्रतिबिंबित होने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि अबू धाबी विरासत प्राधिकरण के साथ सहयोग उसकी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर छात्रों के अनुभवों को समृद्ध करेगा, समुदाय से उनके जुड़ाव को गहरा करेगा और अपनी पहचान पर गर्व करने वाली आत्मविश्वासी पीढ़ियों को गढ़ने में मदद करेगा।
ओबैद खलफान अल मजरूई ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन विरासत और शिक्षा क्षेत्रों के बीच समन्वय को मजबूत करने तथा छात्रों को अमीराती विरासत, राष्ट्रीय पहचान और अमीराती "साना" से परिचित कराने वाली पहलों के विस्तार में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा, "हम उभरती पीढ़ियों को विरासत की निरंतरता सुनिश्चित करने में प्रमुख भागीदार मानते हैं। इसी दृष्टिकोण से हम अमीराती विरासत को ऐसे शैक्षिक और संवादात्मक तरीकों से प्रस्तुत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो छात्रों के राष्ट्रीय पहचान से जुड़ाव को मजबूत करें और उन्हें अमीराती विरासत तथा साना के तत्वों को जानने और अपनाने के व्यापक अवसर दें।"
यह साझेदारी नए शैक्षणिक वर्ष में कई कार्यक्रमों के माध्यम से लागू की जाएगी, जिनमें "साना कार्यक्रम" प्रमुख है। यह कार्यक्रम अबू धाबी की 15 निजी स्कूलों और 37 चार्टर स्कूलों के शिक्षकों तथा छात्रों को लक्षित करेगा।
कार्यक्रम के तहत 1,541 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें 802 अरबी भाषी और 739 गैर-अरबी भाषी शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा स्कूलों और सामुदायिक मजलिसों में छात्रों के लिए संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि अमीराती साना, विरासत, मूल्यों, रीति-रिवाजों और परंपराओं के बारे में उनकी समझ बढ़े।
नबती कविता कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को यूएई की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत से जोड़ना है। चालू शैक्षणिक वर्ष में यह कार्यक्रम अबू धाबी के निजी और चार्टर स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के अरबी भाषी छात्रों पर केंद्रित रहेगा।
छात्र प्रत्येक वर्ष तीन कविताएँ सीखेंगे, प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में एक। यह मार्ग इस तरह तैयार किया गया है कि हर छात्र माध्यमिक शिक्षा पूरी करने तक 15 कविताएँ कंठस्थ कर सके।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्मरण एवं काव्य-पाठ कौशल विकसित करना, शब्द भंडार समृद्ध करना तथा कम उम्र से ही काव्य प्रतिभा की पहचान कर उसे निखारना भी है।
यह समझौता ज्ञापन दोनों पक्षों की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वे साझा संस्थागत ढाँचे में अपने प्रयासों को एकीकृत करेंगे और पूरे अबू धाबी में विरासत तथा शैक्षिक पहलों का विस्तार करेंगे।
(स्रोत: WAM.ae)
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