अबू धाबी, 31 अगस्त 2026 (WAM) -- प्योरहेल्थ की सहयोगी संस्था शेख शखबूत मेडिकल सिटी (SSMC) ने टाइप 1 मधुमेह की शुरुआती पहचान के लिए एक विशेष क्लिनिक शुरू किया है, जिससे इस रोग के जोखिम वाले बच्चों और किशोरों की पहचान और उपचार-हस्तक्षेप को मजबूती मिलेगी।

टाइप 1 मधुमेह एक जटिल स्वप्रतिरक्षी (ऑटोइम्यून) रोग है जिसका कोई ज्ञात इलाज नहीं है और संयुक्त अरब अमीरात में बच्चों तथा किशोरों के बीच यह लगातार अधिक सामान्य होता जा रहा है। कुछ मामलों की पहचान बाद की अवस्थाओं में होती है, जो बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए शीघ्र पहचान और रोग के सक्रिय प्रबंधन की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।

इस विशेष क्लिनिक की शुरुआत के साथ SSMC अबू धाबी में रोकथाम, शीघ्र पहचान और समयोचित हस्तक्षेप पर केंद्रित अधिक सक्रिय स्वास्थ्य सेवा मॉडल की ओर बदलाव को समर्थन देना जारी रखे हुए है। यह क्लिनिक उन परिवारों के लिए तैयार किया गया है जिनमें माता-पिता या भाई-बहन जैसे प्रथम श्रेणी के किसी संबंधी को पहले से टाइप 1 मधुमेह का निदान हो चुका है। ऐसे परिवारों के बच्चों और किशोरों में इस रोग के विकसित होने की आशंका काफी अधिक होती है और अब लक्षण दिखने से पहले ही उनकी जाँच संभव है।

SSMC में बाल रोग विशेषज्ञ तथा बाल एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. अस्मा दीब ने कहा, “यह क्लिनिक एक बुनियादी बदलाव का प्रतीक है — संकट आने के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय जोखिम की शीघ्र पहचान कर रोग के जड़ जमाने से पहले हस्तक्षेप करना। उन्नत जाँच, नवोन्मेषी उपचार और एकीकृत बहु-विषयक देखभाल मॉडल को जोड़कर SSMC परिवारों को अपने बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता की रक्षा करने का अवसर दे रहा है।”

SSMC में एंडोक्राइनोलॉजी विभाग के कार्यवाहक प्रमुख डॉ. हसन शावा ने कहा, “टाइप 1 मधुमेह के लिए विशेष शुरुआती पहचान क्लिनिक का उद्घाटन एक सक्रिय देखभाल मॉडल की स्थापना में मील का पत्थर है, जो रोग की प्रगति को धीमा करने और गंभीर जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है। यह कदम व्यापक और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा देने की SSMC की प्रतिबद्धता के अनुरूप है, जो परिवारों और व्यापक समुदाय के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है तथा चिकित्सा देखभाल के अग्रणी वैश्विक गंतव्य के रूप में अबू धाबी की स्थिति को और मजबूत करता है।”

क्लिनिक में मधुमेह से जुड़े प्रतिपिंडों (एंटीबॉडी) का पता लगाने के लिए एक साधारण रक्त जाँच का उपयोग किया जाता है, जिससे चिकित्सक लक्षण प्रकट होने से पहले की अवस्था में ही बढ़े हुए जोखिम की पहचान कर सकते हैं। एंटीबॉडी की सकारात्मक रिपोर्ट से शीघ्र निगरानी, परिवारों को जागरूक करना और त्वरित नैदानिक निर्णय संभव होते हैं, जिससे आपात प्रतिक्रिया के स्थान पर दीर्घकालिक रोकथाम की दिशा में बदलाव को बल मिलता है।

रोगियों के जीवन पर सार्थक प्रभाव डालने वाले नवोन्मेषी समाधानों और उपचारों तक पहुँच तेज करने के अपने निरंतर प्रयासों के तहत स्वास्थ्य विभाग – अबू धाबी (DoH) के सहयोग से यह क्लिनिक पात्र रोगियों को पहली एफडीए-अनुमोदित दवा उपलब्ध कराएगा, जो टाइप 1 मधुमेह के प्रति संवेदनशील बच्चों और वयस्कों में इंसुलिन की आवश्यकता को टालने में कारगर पाई गई है। यह उपचार निकट चिकित्सकीय निगरानी में दो सप्ताह की अवधि तक प्रतिदिन इन्फ्यूजन के माध्यम से दिया जाता है और पात्र उच्च-जोखिम वाले व्यक्तियों में रोग की शुरुआत को टालने में प्रभावी पाया गया है।

शीघ्र पहचान और हस्तक्षेप के अतिरिक्त, SSMC उन रोगियों के लिए उन्नत मधुमेह प्रबंधन तकनीकें भी उपलब्ध कराता है जिन्हें निरंतर इंसुलिन चिकित्सा की आवश्यकता होती है। इनमें ओमनीपॉड 5 (Omnipod 5) भी शामिल है, जो दुनिया की पहली ट्यूब-रहित स्वचालित इंसुलिन प्रदाय प्रणाली है।

DoH के स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन ढाँचे के माध्यम से अबू धाबी में शुरू की गई यह तकनीक स्पष्ट नैदानिक एवं प्रणालीगत लाभ देने वाले नवाचारों के मूल्यांकन और अंगीकरण के प्रति अमीरात के साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण को दर्शाती है। ग्लूकोज रीडिंग के आधार पर इंसुलिन की मात्रा स्वतः समायोजित कर ओमनीपॉड 5 मधुमेह के अधिक सटीक प्रबंधन में सहायक होता है, रोगियों को ग्लूकोज स्तर अधिक स्थिर बनाए रखने में मदद करता है और निरंतर मैन्युअल निगरानी तथा खुराक संबंधी निर्णयों का बोझ घटाता है।

(स्रोत: WAM.ae)