काहिरा, 20 सितंबर 2026 (WAM) -- कल्युबिया प्रांत के तेल अल-यहूदिया पुरातात्विक स्थल पर कार्यरत एक मिस्री पुरातत्व दल ने विभिन्न स्थापत्य शैलियों के कई चट्टानों को काटकर बनाए गए मकबरे खोजे हैं। साथ ही, दल मकबरों के ऊपर की परतों में स्थित एक रोमन शिविर के अवशेषों की खुदाई भी जारी रखे हुए है।
मिस्र की पुरावशेष सर्वोच्च परिषद के महासचिव डॉ. हिशाम अल-लैथी ने कहा कि यह खोज क्षेत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण योगदान है, विशेषकर इसलिए कि मुख्यतः चिकनी मिट्टी वाली भूमि के कारण नील डेल्टा में चट्टानों को काटकर बनाए गए मकबरे अत्यंत दुर्लभ हैं। उन्होंने कहा कि यह खोज पूर्वी डेल्टा में विभिन्न ऐतिहासिक कालों के दौरान दफन प्रथाओं और उनके विकास को बेहतर ढंग से समझने में सहायक होगी।
अल-लैथी ने बताया कि पुरातात्विक साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि ये मकबरे नव साम्राज्य के उत्तरार्ध के हैं और परवर्ती काल तक इनका उपयोग होता रहा, जो क्रमिक ऐतिहासिक कालों में इस स्थल पर अंत्येष्टि गतिविधियों की निरंतरता को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि मकबरों के ऊपर रोमन शिविर के अवशेषों की खोज विभिन्न ऐतिहासिक कालों में तेल अल-यहूदिया क्षेत्र के निरंतर उपयोग की पुष्टि करती है और समय के साथ इसके रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।
ये मकबरे दो स्थापत्य प्रकारों के हैं। पहले प्रकार में एक सीढ़ी है जो दफन आलों वाले एक कक्ष तक जाती है, जबकि दूसरे प्रकार में एक आयताकार कूप है जो दो दफन कक्षों तक पहुँचता है।
डेल्टा में इस प्रकार के मकबरे दुर्लभ हैं और इनके सीमित उदाहरण ही ज्ञात हैं, जिनमें अलेक्ज़ेंड्रिया के कोम अल-शुकाफ़ा के चट्टान-कटे मकबरे तथा मिस्र के उत्तरी तट के कुछ स्थल शामिल हैं।
(स्रोत: WAM.ae)
TR
EN
AR
RU
ZH
DE
FR
ES
HI
FA