दुबई, 9 अक्टूबर 2026 (WAM) – दुबई संस्कृति और कला प्राधिकरण (दुबई कल्चर) ने 31वें अंतरराष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक/उभरती कला संगोष्ठी (ISEA2026 दुबई) के कलात्मक और अकादमिक कार्यक्रमों की प्रमुख झलकियाँ जारी की हैं, जो 6 से 15 नवंबर 2026 तक 'ELYAH: स्थान, डेटा और पहचान का नक्षत्र' (ELYAH: Constellating Place, Data and Identity) विषय के तहत आयोजित होगी।

कला, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के संगम की पड़ताल करने वाली यह संगोष्ठी रचनात्मक प्रतिभाओं के लिए अवसरों का विस्तार करके, प्रयोगशीलता को प्रोत्साहित करके और डिजिटल एवं उभरती कला क्षेत्र को आगे बढ़ाकर दुबई कल्चर के डिजिटल आर्ट्स रोडमैप का समर्थन करती है। यह अमीराती विरासत में निहित एक वैश्विक सांस्कृतिक केंद्र, नवाचार में अग्रणी और रचनात्मक अर्थव्यवस्था के चालक के रूप में दुबई की स्थिति को भी सुदृढ़ करती है।

ISEA2026 दुबई हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित होगी, जिसमें दुबई के कई स्थलों पर प्रत्यक्ष कलात्मक कार्यक्रम को ऑनलाइन अकादमिक कार्यक्रम के साथ जोड़ा जाएगा। इस दृष्टिकोण से दुनिया भर के कलाकार, शोधकर्ता और पेशेवर विचारों और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान कर सकेंगे, साथ ही अंतरराष्ट्रीय संवाद शहर भर के कलात्मक अनुभवों से जुड़ेगा।

कलात्मक कार्यक्रम के लिए 1,000 से अधिक प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं, जिनमें से 100 से अधिक कलाकृतियों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जबकि अकादमिक कार्यक्रम के लिए 150 से अधिक प्रविष्टियाँ शॉर्टलिस्ट हुईं। कार्यसूची में 140 से अधिक अकादमिक शोधपत्र, 40 से अधिक कलाकार वार्ताएँ और सत्र, 15 से अधिक कार्यशालाएँ, 10 से अधिक पैनल चर्चाएँ, सात इको लैब्स तथा चार विशेष-खंड प्रदर्शनियाँ और सत्र शामिल हैं।

अकादमिक कार्यक्रम में मुख्य भाषण, शोधपत्र प्रस्तुतियाँ, विशेषज्ञ पैनल और कलाकार वार्ताएँ होंगी। इसका एक प्रमुख हिस्सा, न्यू मीडिया आर्ट समिट, इस बात की पड़ताल करेगा कि डिजिटल नेटवर्क, इमर्सिव वातावरण, इंटरैक्टिव मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से कलात्मक प्रथाएँ किस प्रकार विकसित हो रही हैं, और शोध व क्यूरेटोरियल दृष्टिकोणों को कलात्मक सृजन से जोड़ेगा। वहीं इको लैब्स पारिस्थितिक तंत्रों, प्रौद्योगिकी और कलात्मक अभ्यास के बीच संबंधों का अध्ययन करेंगी।

पूरे दुबई में कलात्मक कार्यक्रम प्रदर्शनियों, प्रस्तुतियों और इमर्सिव अनुभवों के माध्यम से दर्शकों को डिजिटल और उभरती कला से परिचित कराएगा। कार्यक्रम में अल सफा आर्ट एंड डिज़ाइन लाइब्रेरी, एतिहाद म्यूज़ियम, Kanvas और Foundry Gallery सहित 20 स्थानों पर प्रदर्शनियाँ, ARTE Museum में अनुभव, TODA में प्रस्तुतियाँ और अल वस्ल डोम पर प्रोजेक्शन मैपिंग शामिल हैं। इसमें 'इवॉल्विंग कैलिग्राफी, लेटर आर्ट, टाइपोग्राफी' विशेष खंड भी होगा, जिसमें 'कैलिग्राफी टू कोड' शामिल है, जो यह पड़ताल करता है कि डिजिटल और कम्प्यूटेशनल माध्यमों से अक्षर-रूपों, लेखन प्रणालियों और सुलेख परंपराओं की किस प्रकार नई कल्पना की जा रही है। ये गतिविधियाँ निवासियों और आगंतुकों को समकालीन कलात्मक अभ्यास से जुड़ने और यह जानने का अवसर देंगी कि प्रौद्योगिकी अभिव्यक्ति के नए रूपों को कैसे आकार दे रही है।

दुबई कल्चर में उभरती कला विभाग की निदेशक मैथा अली अल बलूशी ने दुबई की अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक उपस्थिति को मज़बूत करने और रचनात्मक प्रथाओं व विधाओं को जोड़ने में संगोष्ठी की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "दुनिया भर से ISEA2026 दुबई को मिली प्रतिक्रिया अमीरात की उस क्षमता को दर्शाती है, जिसके तहत वह कलाकारों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को नवाचार और विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने वाले वातावरण में एक साथ लाता है। यह संगोष्ठी स्थानीय प्रतिभाओं को सीखने, प्रयोग करने और विशेषीकृत अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ने के अवसर प्रदान करेगी।"

उन्होंने आगे कहा, "ISEA2026 दुबई विविध विधाओं और विशेषज्ञता को एक साथ लाती है, जिससे कला, शोध और प्रौद्योगिकी को एक-दूसरे को समृद्ध करने के अवसर मिलते हैं। सहयोग और कलात्मक अभ्यास के विकास के माध्यम से यह डिजिटल और उभरती कला क्षेत्र के विकास और स्थिरता का समर्थन करती है। यह इस बात की पड़ताल के लिए एक मंच भी प्रदान करती है कि प्रौद्योगिकी, कल्पना, ज्ञान और संस्कृति मिलकर नए विचारों, कलाकृतियों और रचनात्मक दृष्टिकोणों को कैसे जन्म दे सकते हैं।"

'ELYAH: स्थान, डेटा और पहचान का नक्षत्र' विषय चार प्रमुख अकादमिक धाराओं को जोड़ता है। 'सेलेस्टियल डायलॉग्स' कला, प्रौद्योगिकी और ब्रह्मांडीय कल्पना की पड़ताल करता है और यह जाँचता है कि आकाश और ग्रह प्रणालियाँ मानवीय अनुभव और सांस्कृतिक अर्थ को कैसे आकार देती हैं। 'चार्टिंग कॉन्स्टेलेशन्स' मानचित्रण, नेटवर्क, स्थान और पहचान पर केंद्रित है तथा लोगों, डेटा, भूगोल और कहानियों के बीच संबंधों की खोज करता है। 'इको-टेक फ्यूचर्स' कलात्मक अभ्यास के माध्यम से पारिस्थितिकी, जलवायु और तकनीकी उत्तरदायित्व की पड़ताल करता है, जबकि 'स्टारलिंक्ड वर्ल्ड्स' यह अध्ययन करता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल नेटवर्क और आभासी वातावरण लोगों के सृजन करने, जुड़ने और सांस्कृतिक अनुभव साझा करने के तरीकों को कैसे बदल रहे हैं।

(स्रोत: WAM.ae)