अबू धाबी, 2 अक्टूबर 2026 (वाम) – संयुक्त अरब अमीरात केंद्रीय बैंक (CBUAE) के गवर्नर ख़ालिद मोहम्मद बालामा और सीरिया केंद्रीय बैंक के गवर्नर मोहम्मद सफ़वत अब्देल हमीद रसलान ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और साझा हित के विभिन्न वित्तीय एवं पर्यवेक्षी क्षेत्रों में विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को सुगम बनाने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता ज्ञापन द्विपक्षीय सहयोग, संस्थागत क्षमता निर्माण और तकनीकी विशेषज्ञता के विकास के साथ-साथ नियामक ढाँचों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है। सहयोग के क्षेत्रों में भुगतान प्रणालियाँ, मौद्रिक नीति, नकदी प्रबंधन और नवोन्मेषी वित्तीय प्रौद्योगिकियाँ शामिल हैं।

समझौता ज्ञापन जलवायु जोखिम प्रबंधन और सतत वित्त, वित्तीय समावेशन, वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता, तथा ऋण सूचना प्रणालियों, रिपोर्टिंग और जोखिम प्रबंधन ढाँचों से जुड़े क्षेत्रों को भी कवर करता है। इसमें गतिविधियों और संस्थानों के लाइसेंसिंग, नियामक प्रवर्तन, अनुपालन और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्रों में विशेषज्ञता के आदान-प्रदान का भी प्रावधान है।

CBUAE के गवर्नर ख़ालिद मोहम्मद बालामा ने कहा, «यह समझौता ज्ञापन वित्तीय और नियामक क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने में हमारी साझा रुचि को दर्शाता है, जो वित्तीय प्रणाली की मज़बूती को समर्थन देने, वित्तीय बुनियादी ढाँचे की दक्षता बढ़ाने और वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास के साथ कदम मिलाने के प्रयासों का हिस्सा है। यह सर्वोत्तम प्रथाओं के आधार पर विशेषज्ञता और ज्ञान के आदान-प्रदान तथा क्षमता निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है। हमें आशा है कि यह सहयोग दोनों देशों के वित्तीय संस्थानों के लिए व्यापक अवसर पैदा करेगा और आर्थिक विकास एवं प्रगति में वित्तीय क्षेत्र की भूमिका को मज़बूत करेगा।»

सीरिया केंद्रीय बैंक के गवर्नर मोहम्मद सफ़वत रसलान ने कहा, «संयुक्त अरब अमीरात केंद्रीय बैंक के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर दोनों देशों के बीच बैंकिंग सहयोग को गहरा करने और बैंकिंग पर्यवेक्षण एवं विनियमन, भुगतान एवं हस्तांतरण प्रणालियों तथा बैंकिंग बुनियादी ढाँचे के विकास के क्षेत्रों में संयुक्त कार्य के व्यापक रास्ते खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम इस समझौता ज्ञापन द्वारा वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने, संस्थागत क्षमता निर्माण और नियामक एवं पर्यवेक्षी ढाँचों को सुदृढ़ करने के अवसरों को विशेष महत्व देते हैं, जिससे बैंकिंग क्षेत्र के विकास को समर्थन मिलेगा और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग आवश्यकताओं और प्रथाओं के साथ तालमेल बिठाने की उसकी क्षमता बढ़ेगी। हम आशा करते हैं कि यह समझौता ज्ञापन दोनों केंद्रीय बैंकों के बीच व्यावहारिक और स्थायी सहयोग की नींव बनेगा, अधिक कुशल बैंकिंग सेवाओं में योगदान देगा, मौद्रिक एवं बैंकिंग स्थिरता को समर्थन देगा और सीरिया तथा संयुक्त अरब अमीरात के बीच बैंकिंग साझेदारियों के लिए व्यापक संभावनाएँ खोलेगा।»

(स्रोत: WAM.ae)