ज़बील मस्जिद में सरकारी अधिकारी, कारोबारी, खिलाड़ी, Al Wasl क्लब के समर्थक और ARM Holding के कर्मचारी मौजूद रहे, साथ ही वे लोग भी जो वर्षों से दुबई में रह रहे हैं। कुछ लोग अन्य अमीरातों से पहुंचे थे, जबकि कुछ ओमान से आए थे।

नमाज़ के लिए आए लोगों से मस्जिद की लगभग सारी जगह भर गई। और भी लोग वाहनों से पहुंचते रहे, जिससे आसपास की पार्किंग जगहें भर गईं और कई लोगों को मस्जिद तक पहुंचने के लिए कुछ मिनट पैदल चलना पड़ा।

बड़ी संख्या में लोग नमाज़ से काफी पहले पहुंच चुके थे; कुछ लोग सुबह करीब 11:30 बजे से ही वहां मौजूद थे। लोगों के आने का सिलसिला जारी रहने के बीच आसपास पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।

शेख अहमद बिन राशिद अल मकतूम का सोमवार को निधन हुआ था। वे दुबई के शासक परिवार के सदस्य थे और Al Wasl क्लब, घुड़दौड़ तथा अमीरात की कई संस्थाओं से उनका लंबा जुड़ाव रहा।

बैठकों के सिलसिले में दुबई आए ओमानी कारोबारी मुहम्मद ने बताया कि शेख अहमद के निधन की खबर मिलने के बाद उन्होंने अपना कार्यक्रम बदल दिया।

उन्होंने कहा, “जब मैंने यह खबर सुनी, तो लगा कि मुझे जनाज़े में शामिल होना ही चाहिए। यूएई और ओमान के बीच भाईचारे का रिश्ता है। ऐसा लगा जैसे हमने अपने ही परिवार के किसी सदस्य को खो दिया हो।”

(स्रोत: Khaleej Times)