नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026 (डब्ल्यूएएम) -- राष्ट्रपति महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की ओर से अबू धाबी के क्राउन प्रिंस महामहिम शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले यूएई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में किया।
अपने उद्घाटन संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं और शासनाध्यक्षों, आमंत्रित देशों के प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों तथा सम्मेलन में उपस्थित क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। भारत के प्रधानमंत्री ने पिछली ब्रिक्स अध्यक्षता और उसके कार्यों की सफलता सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए ब्राजील संघीय गणराज्य के प्रति आभार व्यक्त किया, साथ ही साझा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम अधिक सुदृढ़ आर्थिक व्यवस्था के निर्माण हेतु ग्लोबल साउथ देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के महत्व पर बल दिया।
सम्मेलन में यूएई की भागीदारी वैश्विक शासन के भविष्य को आकार देने के साझा प्रयासों के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके तहत आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करने में विकासशील और उभरते देशों की भागीदारी को बढ़ावा देना, व्यापार और निवेश प्रवाह को समर्थन देना तथा ब्रिक्स के भीतर सहयोग के क्षेत्रों का निरंतर विस्तार करना शामिल है, साथ ही एक समावेशी विकास मॉडल को आगे बढ़ाना और साझा हितों, स्थिरता तथा सतत विकास के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता को बढ़ाना भी शामिल है।
सम्मेलन में «समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को सुदृढ़ करना» विषय पर एक उच्चस्तरीय सत्र आयोजित हुआ, जिसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं और भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। सत्र में वैश्विक शासन को आगे बढ़ाने और बहुपक्षवाद की प्रभावशीलता बढ़ाने के उपायों के साथ-साथ ग्लोबल साउथ देशों की भूमिका को सशक्त करने तथा आर्थिक, व्यापारिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग को समर्थन देने पर विचार किया गया। चर्चाओं में ऐसी अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण की आवश्यकता पर भी बात हुई जो अधिक सुदृढ़, टिकाऊ और वैश्विक चुनौतियों तथा तेजी से बदलते घटनाक्रम का सामना करने में अधिक सक्षम हों।
सत्र में आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने, व्यापार को सुगम बनाने और निवेश को प्रोत्साहित करने, नवाचार तथा प्रौद्योगिकीय परिवर्तन में तेजी लाने, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा की रक्षा करने और साझा संकटों व चुनौतियों का सामना करते हुए स्थिरता तथा सुदृढ़ता को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच प्रयासों को एकजुट करने और व्यावहारिक साझेदारियां विकसित करने के महत्व को भी रेखांकित किया गया।
सम्मेलन का समापन ब्रिक्स नेताओं की नई दिल्ली घोषणा को अपनाने के साथ हुआ, जिसमें सदस्य देशों के बीच आर्थिक एकीकरण को मजबूत करने और साझेदारियों का विस्तार करने, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में ब्रिक्स-आंतरिक व्यापार तथा निवेश को समर्थन देने और नवाचार एवं ऊर्जा क्षेत्र के रूपांतरण को बढ़ावा देने की प्राथमिकताएं रेखांकित की गईं। घोषणा में उभरते बाजारों के बीच परस्पर संपर्क को मजबूत करने, संतुलित वैश्विक शासन मॉडल को आगे बढ़ाने में ग्लोबल साउथ की भूमिका को समर्थन देने और अधिक प्रभावी तथा टिकाऊ साझेदारियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता को सशक्त करने के उद्देश्य से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का आह्वान भी किया गया।
सम्मेलन के अंत में ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं और भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने भारत मंडपम सम्मेलन केंद्र के सामने सामूहिक तस्वीर खिंचवाई, इसके बाद केंद्र के बाहर हरे-भरे परिसर में संयुक्त वृक्षारोपण समारोह में भाग लिया। यह प्रतीकात्मक पहल ब्रिक्स देशों के बीच संबंधों और साझेदारियों की गहराई तथा साझा हितों पर आधारित स्थायी सहयोग बनाने और अधिक समृद्ध व उन्नत भविष्य की दिशा में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने की उनकी साझा आकांक्षा को दर्शाती है।
यूएई ब्रिक्स के सदस्य के रूप में तीसरी बार इस सम्मेलन में भाग ले रहा है। ब्रिक्स की स्थापना 2009 में उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच राजनीतिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। यूएई अगस्त 2023 में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में आयोजित 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान इस समूह में शामिल हुआ था, जो बहुपक्षीय सहयोग को समर्थन देने, ग्लोबल साउथ देशों के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने तथा वैश्विक आर्थिक तंत्र में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भागीदारी को और बढ़ाकर समुदायों की समृद्धि में योगदान देने और उनके सतत विकास को समर्थन देने के उसके प्रयासों का हिस्सा था।
यूएई प्रतिनिधिमंडल में अबू धाबी क्राउन प्रिंस कोर्ट के अध्यक्ष शेख खलीफा बिन तहनून बिन मोहम्मद अल नहयान; अंतरराष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी; उद्योग एवं उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. सुल्तान अहमद अल जाबेर; विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयुदी; राज्य मंत्री सईद मुबारक अल हजेरी; अबू धाबी कार्यकारी परिषद के महासचिव और क्राउन प्रिंस कार्यालय के अध्यक्ष सैफ सईद घोबाश; अबू धाबी मीडिया कार्यालय की अध्यक्ष और क्राउन प्रिंस कोर्ट में रणनीतिक संबंध सलाहकार मरियम ईद अल मेहरी; भारत गणराज्य में यूएई के राजदूत अब्दुल्ला सैफ अल नुऐमी; तथा क्राउन प्रिंस कोर्ट में क्राउन प्रिंस प्रोटोकॉल के महानिदेशक हमद सलेम राशिद बलहबला शामिल थे।
(स्रोत: WAM.ae)
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