दुबई, 9 अक्टूबर 2026 (वाम) – दुबई के शासक के रूप में, यूएई के उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री महामहिम शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने दुबई ऑर्केस्ट्रा फ़ाउंडेशन की स्थापना के लिए 2026 का क़ानून संख्या (20) जारी किया।

फ़ाउंडेशन का उद्देश्य दुबई में कला और ऑर्केस्ट्रा संगीत को आगे बढ़ाना, अमीरात की क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक स्थिति को मज़बूत करना, स्थानीय कलात्मक विरासत को संरक्षित करना और यूएई की संगीत उत्कृष्टता को प्रदर्शित करना है। यह दुबई के संगीत बुनियादी ढांचे के विकास में भी सहयोग करेगा, स्थानीय प्रतिभाओं को निखारेगा और पूरे अमीरात में ऑर्केस्ट्रा के विकास में योगदान देगा। इन प्रयासों के माध्यम से फ़ाउंडेशन रचनात्मक अर्थव्यवस्था को और मज़बूत करेगा, संस्कृति, कला और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में दुबई की स्थिति को सुदृढ़ करेगा तथा संगीत और प्रदर्शन कला उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करेगा।

क़ानून में फ़ाउंडेशन की प्रमुख ज़िम्मेदारियाँ निर्धारित की गई हैं, जिनमें एक स्थानीय ऑर्केस्ट्रा की स्थापना, यूएई और विदेशों में प्रस्तुतियों में भाग लेना, अमीराती संगीत विरासत को बढ़ावा देना और 'पीपल ऑफ़ डिटरमिनेशन' (दिव्यांगजन) सहित उभरती प्रतिभाओं को सहयोग देना शामिल है। फ़ाउंडेशन संगीत कार्यक्रमों का वार्षिक कैलेंडर तैयार करेगा, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियाँ बनाएगा, संगीत शिक्षा और निर्माण को सहयोग देगा, अंतरराष्ट्रीय ऑर्केस्ट्रा की मेज़बानी करेगा और दुनिया भर के ऑर्केस्ट्रा तथा सांस्कृतिक संस्थानों के साथ सहयोग को मज़बूत करेगा।

क़ानून के तहत फ़ाउंडेशन का संचालन एक न्यासी बोर्ड करेगा और एक कार्यकारी निकाय इसकी सहायता करेगा। बोर्ड में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और प्रासंगिक विशेषज्ञता वाले सदस्य होंगे, जिन्हें दुबई की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष नियुक्त करेंगे। इसकी ज़िम्मेदारियों में फ़ाउंडेशन के कामकाज की निगरानी, प्रमुख नीतियों, योजनाओं और बजट को मंज़ूरी देना तथा सीईओ और कलात्मक निदेशक की नियुक्ति शामिल है।

क़ानून के अनुसार, कार्यकारी निकाय में सीईओ के साथ प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी कर्मचारी शामिल होंगे। सीईओ सीधे बोर्ड को रिपोर्ट करेंगे और फ़ाउंडेशन के दैनिक कामकाज के प्रबंधन तथा उसकी स्वीकृत योजनाओं और कार्यक्रमों को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार होंगे।

क़ानून सरकारी संस्थाओं के लिए यह भी अनिवार्य करता है कि वे दुबई संस्कृति एवं कला प्राधिकरण और सामुदायिक विकास प्राधिकरण के संबंधित नियमों और निर्देशों के अनुरूप, फ़ाउंडेशन को उसकी ज़िम्मेदारियाँ निभाने में सहयोग और समर्थन दें। क़ानून को लागू करने के लिए आवश्यक निर्णय बोर्ड के अध्यक्ष जारी करेंगे।

यह क़ानून आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रभावी होगा।

(स्रोत: WAM.ae)