न्यूयॉर्क, 1 सितंबर 2026 (WAM) -- संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के अनुसार, मूसलाधार बारिश से 15 नगरपालिकाओं और दो आपदा क्षेत्रों में भारी तबाही के बाद नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 20,000 से अधिक खोज एवं बचाव कर्मी तैनात किए गए हैं।
नेपाली अधिकारियों ने 903 मौतों, 267 से अधिक घायलों और 4,200 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी दी है, जबकि आपातकालीन दलों ने 252 विदेशी नागरिकों सहित 10,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।
पृथ्वी राजमार्ग जैसे प्रमुख परिवहन मार्गों पर पहुँच की गंभीर बाधाओं के बावजूद राहत कार्य तेज़ किए जा रहे हैं। दल सबसे अधिक प्रभावित जिले रसुवा में बुनियादी सेवाएँ बहाल करने में जुटे हैं।
OCHA और उसके साझेदारों ने नुवाकोट में मुख्य समन्वय केंद्र स्थापित किया है, 11 आपातकालीन चिकित्सा दल तैनात किए हैं, लगभग 400 निवासियों को मनोवैज्ञानिक प्राथमिक सहायता दी है और संवेदनशील महिलाओं तथा लड़कियों को 3,200 से अधिक स्वच्छता किट वितरित किए हैं।
गंभीर खाद्य असुरक्षा से निपटने के लिए WFP ने 9,200 लोगों की 15 दिन की जरूरत पूरी करने हेतु 80 मीट्रिक टन खाद्य सहायता भेजी, जबकि UNICEF ने गंभीर तीव्र कुपोषण से पीड़ित 500 बच्चों के लिए तैयार चिकित्सकीय आहार उपलब्ध कराया।
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार लगभग 65,000 लोगों को तत्काल जल, स्वच्छता और साफ-सफाई सहायता की आवश्यकता है, जबकि 22,000 से अधिक बच्चों को महत्वपूर्ण संरक्षण सेवाओं की जरूरत है, जिनमें गंभीर दुर्बलता के जोखिम वाले 2,600 शिशु शामिल हैं।
10,500 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए पूरक पोषण तत्काल आवश्यक है और 10,000 से अधिक स्कूली आयु के बच्चों को मनोसामाजिक देखभाल चाहिए। अधिकारी अपने परिवारों से बिछड़े 107 बच्चों का पता लगा रहे हैं। बुनियादी ढाँचे के नुकसान में 19 क्षतिग्रस्त विद्यालय शामिल हैं, जिनमें से नौ पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि आठ भवन इस समय विस्थापित लोगों के लिए आपातकालीन आश्रय के रूप में उपयोग हो रहे हैं।
(स्रोत: WAM.ae)
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