जकार्ता, 7 सितंबर 2026 (WAM) -- अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी से घने ज्वालामुखीय राख के बादल निकलने के बाद इंडोनेशिया के आठ हवाई अड्डों पर 1,500 से अधिक उड़ानें रोक दी गईं और लगभग 1,70,000 यात्री फँस गए; इस राख ने स्थानीय शिक्षा और मछली पकड़ने की गतिविधियों को भी बाधित किया। हवा में मौजूद राख के कारण इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने जकार्ता के सोएकर्नो-हट्टा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को रविवार रात तक अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया, जिससे अकेले देश के प्रमुख हवाई केंद्र पर 964 उड़ानें प्रभावित हुईं। जावा और सुमात्रा के बीच सुंडा जलडमरूमध्य में शुक्रवार से लगातार सक्रिय इस ज्वालामुखी ने 15,000 मीटर तक ऊँचे विशाल राख के गुबार पैदा किए हैं। इसके जवाब में जकार्ता और लम्पुंग के अधिकारियों ने स्कूलों में दूरस्थ शिक्षा अनिवार्य कर दी और निवासियों को खुले में कम निकलने तथा सुरक्षात्मक मास्क पहनने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, पूर्वी जावा में सेमेरू ज्वालामुखी में एक किलोमीटर ऊँचे राख स्तंभ के साथ नया विस्फोट दर्ज किया गया, जिससे इंडोनेशिया के पाँच ज्वालामुखी स्तर 3 की चेतावनी पर बने हुए हैं।

(स्रोत: WAM.ae)